क्राइम अपडेट: केदारनाथ यात्रा में सख्ती, हरिद्वार में बोरवेल हादसा, रामनगर में हंगामा और काशीपुर में जमीन विवाद गरमाया

केदारनाथ यात्रा में सख्ती, हरिद्वार में बोरवेल हादसा, रामनगर में हंगामा और काशीपुर में जमीन विवाद गरमाया

  • केदारनाथ यात्रा पर फेक कंटेंट फैलाने वालों पर सख्ती

देहरादून। केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

सोनप्रयाग कोतवाली में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस की 24×7 मॉनिटरिंग में ऐसे वीडियो सामने आए, जिनमें यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर गलत जानकारी फैलाकर श्रद्धालुओं को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही थी।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और आरोपियों की पहचान की जा रही है।

सरकारी संपत्ति से छेड़छाड़, शौचालय और पानी की सुविधाएं तोड़ी गईं। केदारनाथ क्षेत्र में कुछ अराजक तत्वों द्वारा सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने का मामला भी सामने आया है।

हाट बाजार, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे, पंजाब सिंध भवन और बेस कैंप क्षेत्र में 5 शौचालयों के दरवाजे तोड़े गए, जबकि 12 पानी के नल और करीब 60 सिस्टर्न क्षतिग्रस्त किए गए।

इस मामले में सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि धाम की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

हरिद्वार में बोरवेल हादसा, 55 वर्षीय मजदूर गड्ढे में गिरा

हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र के कांगड़ी गांव में बोरिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। 55 वर्षीय मजदूर मनोहर करीब 20–27 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर मिट्टी में दब गए।
रेस्क्यू के लिए पुलिस, SDRF और National Disaster Response Force (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंची हैं।

जेसीबी से समानांतर गड्ढा खोदकर निकालने की कोशिश की जा रही है, हालांकि संकरी सड़क के चलते भारी मशीनरी पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। प्रशासन ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में कई घंटे लग सकते हैं।

रामनगर में संदिग्ध गतिविधियों पर महिलाओं का हंगामा

रामनगर के पीरूमदारा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के आरोप को लेकर महिलाओं ने पुलिस चौकी का घेराव किया। ग्राम प्रधान ममता सनवाल के नेतृत्व में महिलाओं ने आरोप लगाया कि एक घर में लंबे समय से बाहरी लोगों का आना-जाना और संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं।

हालांकि पुलिस जांच में अब तक कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। पुलिस ने किरायानामा न होने पर मकान मालिक का चालान किया है और मामले की जांच जारी है।

काशीपुर में जमीन विवाद पर 40 दिन की बच्ची के साथ प्रदर्शन

काशीपुर में जमीन विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।
पीड़ित किसानों ने 40 दिन की मासूम बच्ची को आगे रखकर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।

इस मामले में गदरपुर विधायक अरविंद पांडे और उनके पुत्र पर जमीन धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। किसानों का आरोप है कि उनके साथ जमीन सौदे में धोखाधड़ी हुई है, जबकि विधायक ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
एसडीएम ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलटी कार

चमोली जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा हादसा टल गया, जहां तीर्थयात्रियों से भरी एक कार कुहेड़ के पास अनियंत्रित होकर पहाड़ी से टकराने के बाद सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, हालांकि गनीमत रही कि सभी यात्रियों को केवल मामूली चोटें आईं।

हरिद्वार से बदरीनाथ जा रहे थे श्रद्धालु

बताया जा रहा है कि स्विफ्ट डिजायर कार (UK 08 TB 1552) हरिद्वार से बदरीनाथ धाम की ओर जा रही थी।
कार चालक दलीप कुमार सिंह (गोविंदपुर निवासी) के साथ ज्वालापुर, हरिद्वार के दिनेश कुमार शर्मा, लता शर्मा, नवीन कुमार शर्मा और विशाखा शर्मा सवार थे।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू

हादसे के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमोली पहुंचाया गया, जहां सभी का उपचार किया गया।

बाल-बाल बचे यात्री

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सड़क पर ही पलटी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अगर वाहन खाई की ओर गिरता तो गंभीर जनहानि हो सकती थी।

पुलिस की अपील: पहाड़ी रास्तों पर बरतें सावधानी

पुलिस प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रण में रखें और मौसम व सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा करें।

लगातार हादसों से बढ़ी चिंता

गौरतलब है कि हाल ही में टिहरी गढ़वाल में चंबा-कोटी मार्ग पर वाहन खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि रुद्रप्रयाग में भी कार हादसे में 3 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रहे सड़क हादसों ने पहाड़ी यात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राज्यभर में प्रशासन के सामने कई चुनौतियां

एक ओर केदारनाथ यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी ओर हरिद्वार में रेस्क्यू ऑपरेशन, रामनगर में कानून-व्यवस्था और काशीपुर में जमीन विवाद जैसे मुद्दे प्रशासन की परीक्षा ले रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन सभी मामलों में प्रशासन कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई कर पाता है।