कहीं मां ने जहर खाया, कहीं भाई ने भाई को मारा, यहां डॉक्टर परिवार की सामूहिक मौत
देहरादून। देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आईं दर्दनाक घटनाओं ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक महिला की संदिग्ध आत्महत्या, रुद्रपुर में जमीन विवाद में हत्या, उधम सिंह नगर में फरार आरोपी की गिरफ्तारी और दूसरी ओर आंध्र प्रदेश में डॉक्टर परिवार की सामूहिक मौत इन सभी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हल्द्वानी में महिला की संदिग्ध आत्महत्या
हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय उर्मिला देवी ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रही थीं, जबकि उनके पति पिछले कुछ समय से लंदन में रह रहे हैं।
बताया गया कि शनिवार शाम महिला ने बच्चों के सामने ही जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रुद्रपुर में जमीन विवाद में हत्या
रुद्रपुर के गदरपुर थाना क्षेत्र के बकेनिया सकेनिया गांव में 60 वर्षीय सर्वेश्वर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि जमीन विवाद के चलते उनके ही भाई ने वारदात को अंजाम दिया।
घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
उधम सिंह नगर में फरार बंदी गिरफ्तार
उधम सिंह नगर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कोविड-19 पैरोल पर रिहा हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर मामला दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर उसे रुद्रपुर के रम्पुरा क्षेत्र से पकड़ा गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आंध्र प्रदेश में डॉक्टर परिवार की सामूहिक मौत
नरसारावपेटा में एक हृदयविदारक घटना में एम्स भोपाल में कार्यरत एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉक्टर गोपी, उनकी पत्नी शंकरकुमारी और तीन साल की बेटी ने जान दे दी।
जानकारी के अनुसार, दंपती ने अपनी बेटी के साथ एनेस्थेटिक इंजेक्शन लेकर आत्महत्या का प्रयास किया।
रविवार को पत्नी और बेटी की मौत हो गई, जबकि डॉक्टर ने सोमवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्ची की खराब स्वास्थ्य स्थिति के कारण परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव में था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तराखंड में अवैध गतिविधियों पर सख्ती
इसी बीच उत्तराखंड में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सत्यापन अभियानों में भी तेजी आई है। ऑपरेशन कालनेमि और ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत बड़ी संख्या में संदिग्धों की जांच की जा रही है।
राजधानी देहरादून में हाल ही में उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की तीन महिलाओं को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और फर्जी दस्तावेज गिरोहों पर लगातार कार्रवाई जारी है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि कहीं पारिवारिक तनाव, कहीं जमीन विवाद और कहीं सामाजिक दबाव जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले रही हैं। कानून-व्यवस्था के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक सहयोग तंत्र को मजबूत करने की भी जरूरत महसूस की जा रही है।




