विशेष रिपोर्ट: उत्तराखंड बजट सत्र के आखिरी दिन बड़े फैसले, कई अहम विभागों को करोड़ों का प्रावधान

विशेष रिपोर्ट: उत्तराखंड बजट सत्र के आखिरी दिन बड़े फैसले, कई अहम विभागों को करोड़ों का प्रावधान

रिपोर्ट-मीनाक्षी सिंह गौर

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन में विभिन्न विभागों के लिए विनियोग पारित कर दिए गए।

चर्चा के बाद सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए बड़ी धनराशि को मंजूरी दी। विभागवार बजट पारित होने के साथ ही विधानसभा की कार्यवाही भी समाप्त हो गई।

सत्र के दौरान निर्वाचन विभाग के लिए 223 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया, जबकि राजस्व एवं सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 2731 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई।

वहीं वित्त, कर, नियोजन, सचिवालय और अन्य सेवाओं के लिए सबसे बड़ा प्रावधान करते हुए 20,361 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया।

इसके अलावा आबकारी विभाग के लिए 55 करोड़ रुपये से अधिक और लोक सेवा आयोग के लिए 34 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया गया।

कानून व्यवस्था के लिए 3500 करोड़ से अधिक

प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस और जेल विभाग के लिए 3524 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया।

वहीं शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण और संस्कृति विभाग के लिए 13,552 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी धनराशि रखी गई, जो इस बजट का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है।

स्वास्थ्य और शहरी विकास पर भी जोर

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 4546 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है। वहीं जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास विभाग के लिए 4243 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।

सूचना, कृषि और रोजगार के लिए भी बजट

सरकार ने सूचना विभाग के लिए 549 करोड़ रुपये, श्रम एवं रोजगार विभाग के लिए 586 करोड़ रुपये, तथा कृषि एवं कृषि अनुसंधान विभाग के लिए 1495 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही सहकारिता विभाग के लिए 132 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया।

ग्रामीण विकास और सिचाई पर फोकस

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए ग्राम्य विकास विभाग के लिए 3860 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। वहीं सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के लिए 1591 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई।

ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी और उद्योग को भी मिला

सरकार ने ऊर्जा विभाग के लिए 1976 करोड़ रुपये से अधिक, लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए 3580 करोड़ रुपये से अधिक, और उद्योग विभाग के लिए 584 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया है। इसके साथ ही खाद्य विभाग के लिए 1648 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई।

पर्यटन, वन और पशुपालन के लिए प्रावधान

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग के लिए 504 करोड़ रुपये से अधिक, वन विभाग के लिए 1149 करोड़ रुपये से अधिक, और पशुपालन विभाग के लिए 925 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया।

सामाजिक कल्याण के लिए विशेष प्रावधान

समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लिए 2468 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 746 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है।

सरकार का कहना है कि इस बजट के माध्यम से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।