गैरसैंण बजट सत्र का दूसरा दिन: विपक्ष के सवालों से घिरी सरकार, मंत्री के जवाबों पर उठे सवाल

गैरसैंण बजट सत्र का दूसरा दिन: विपक्ष के सवालों से घिरी सरकार, मंत्री के जवाबों पर उठे सवाल

गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 का दूसरा दिन मंगलवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, जिसमें विधायकों ने प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगे।

इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो पिछले बजट से 10.41 प्रतिशत अधिक है।

दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक

सदन की कार्यवाही के दौरान पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। विधानसभा में सभी सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रश्नकाल में उठे कई अहम मुद्दे

प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विधायकों ने विकास कार्यों, वन कानूनों और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मुद्दे उठाए। डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला ने जोशीमठ क्षेत्र के दूरस्थ गांव जुगवाड़ा में पैदल झूला पुल के निर्माण का मुद्दा उठाया, जिस पर लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने जल्द निर्माण कराने का आश्वासन दिया।

गैरोला ने मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा भी उठाया और प्रभावित लोगों की संख्या तथा मुआवजे की व्यवस्था के बारे में सवाल किया।

इस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि वर्ष 2000 से 31 जनवरी 2026 तक मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में 1,296 लोगों की मौत हुई है और 6,624 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।

वन कानून और फॉरेस्ट क्लीयरेंस पर चर्चा

सत्ता पक्ष के विधायक खजान दास ने वन कानूनों को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियम लागू हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए पूछा कि उत्तराखंड में सड़क परियोजनाएं वर्षों तक क्यों अटकी रहती हैं।

इस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले कुछ समय में फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लोक निर्माण, पेयजल और विद्युत समेत छह विभागों के 713 प्रकरणों में स्वीकृति दी गई है।

जंगली जानवरों से फसल नुकसान का मुद्दा

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, महेश जीना और विनोद कंडारी ने पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। विधायकों ने कहा कि वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों के हक-हकूक और उनकी सुरक्षा पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

इस दौरान स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने भी मंत्री से सवालों का स्पष्ट जवाब देने की अपील की और कहा कि प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर सदन को गंभीरता से जवाब दिया जाना चाहिए।

यमुनोत्री-खरसाली रोपवे पर सवाल

यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने यमुनोत्री-खरसाली रोपवे परियोजना की प्रगति को लेकर सवाल पूछा। संसदीय कार्य मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि परियोजना का टेंडर नई कंपनी को दिया गया है और काम जल्द शुरू कर इसे पूरा किया जाएगा।

मंत्री के जवाबों पर विपक्ष की नाराजगी

प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने व्यवस्था के सवाल पर कहा कि मंत्री पूरक प्रश्नों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

आज सदन में रखे जाएंगे चार अध्यादेश

बजट सत्र के दूसरे दिन सरकार आर्थिक सर्वेक्षण और कैग की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चार अध्यादेश भी सदन में पेश करेंगे।

इनमें उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (संशोधन) अध्यादेश 2025, उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025 और उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026 शामिल हैं।

विधानसभा अध्यक्ष को पक्ष और विपक्ष की ओर से 600 से अधिक सवाल प्राप्त हुए हैं, जिन पर प्रश्नकाल के दौरान चर्चा हो रही है।