उत्तराखंड में ठंड ने दी दस्तक, पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ने लगी है, जबकि मैदानी इलाकों में सुबह और शाम गुलाबी ठंड का अहसास हो रहा है।
इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है। देहरादून मौसम विभाग ने आज प्रदेश के तीन पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।
उत्तराखंड के तीन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ क्षेत्रों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है।
वहीं, 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने का अनुमान है। मौसम में होने वाले इस बदलाव से पर्वतीय इलाकों के तापमान में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने की संभावना है।
पहाड़ों में बढ़ने लगी ठंड, मैदानी क्षेत्रों में खिलेगी धूप
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य बना रहा। वहीं, पर्वतीय इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम दर्ज किया गया।
राजधानी देहरादून में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय धूप खिलने से हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंडक बनी रहेगी। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर बढ़ने लगा है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम लगातार करवट ले रहा है। दोपहर के बाद पहाड़ों पर बादल मंडराने के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हो रहा है। तेज हवाओं के कारण भी ठंड का अहसास बढ़ गया है।
मौसम में बदलाव के चलते पर्वतीय जिलों में सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।



