क्राइम अपडेट: 150 करोड़ की जांच, ऑनलाइन नौकर कांड और मोहम्मद दीपक गिरफ्तार

150 करोड़ की जांच, ऑनलाइन नौकर कांड और मोहम्मद दीपक गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड में गुरुवार को तीन अलग-अलग घटनाक्रम चर्चा का केंद्र बने रहे। एक ओर सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़ी भारतीय को-ऑपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड पर करीब 150 करोड़ रुपये के सरकारी धन, सेंटीज चार्ज, ब्याज और टेंडर से बची राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच जारी है।

दूसरी ओर देहरादून में ऑनलाइन माध्यम से रखे गए घरेलू सहायक पर परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर लूट की वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा है।

वहीं, कोटद्वार में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक की गिरफ्तारी ने भी सुर्खियां बटोरी हैं।

देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में भारतीय को-ऑपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष एवं निदेशक जितेंद्र कुमार अग्रवाल ने संस्था के संचालन और बैंक खातों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

शपथपत्र के आधार पर की गई शिकायत में कहा गया है कि संस्था की प्रबंध समिति का कार्यकाल जनवरी 2024 में समाप्त होने के बाद भी कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और प्रस्तावों के आधार पर बैंक खाते संचालित किए गए।

शिकायत के बाद राज्य सरकार ने 2 जून 2026 को जांच के आदेश दिए थे। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने जांच अधिकारी को जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता ने सरकारी धन की वसूली, खातों की जांच और निर्माण कार्यों के ऑडिट की मांग की है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

उधर, देहरादून के विजय पार्क क्षेत्र में एक भाजपा पार्षद के घर हुई लूट की घटना ने ऑनलाइन माध्यम से घरेलू सहायक रखने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, घर में काम करने वाले भरत नाम के कर्मचारी ने करीब 20 दिनों में परिवार का विश्वास जीता और फिर कथित तौर पर खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर परिवार को बेहोश कर दिया।

इसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर घर से नकदी, जेवरात और लाइसेंसी पिस्टल लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्धों की गतिविधियां भी सामने आई हैं।

पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और ऑनलाइन भर्ती से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन और पहचान की स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है।

वहीं, पौड़ी जिले के कोटद्वार में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। व्यापारी की शिकायत पर दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट पर टिप्पणी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। व्यापारी ने आरोपी पर दुकान में पहुंचकर बदसलूकी और धमकी देने का आरोप लगाया है।

मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया।

इन तीनों मामलों ने अलग-अलग स्तर पर प्रशासन, पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।

एक ओर सरकारी परियोजनाओं में धन के उपयोग और संस्थागत जवाबदेही की जांच चल रही है, तो दूसरी ओर ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच नागरिक सुरक्षा और सत्यापन की आवश्यकता भी उजागर हुई है।

वहीं कोटद्वार का मामला सोशल मीडिया पर बढ़ते विवादों और उनसे उत्पन्न कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को भी सामने लाता है।