बड़ी खबर: दून में रैगिंग शिकायत फर्जी, हरिद्वार में अस्पताल घोटाले के आरोप, सितारगंज हादसे में तीन की मौत

दून में रैगिंग शिकायत फर्जी, हरिद्वार में अस्पताल घोटाले के आरोप, सितारगंज हादसे में तीन की मौत

देहरादून। उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों से स्वास्थ्य, अपराध और सड़क हादसों से जुड़ी बड़ी खबरें सामने आई हैं, जिनसे एक बार फिर व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सबसे पहले देहरादून से, जहां Doon Medical College में रैगिंग की कथित शिकायत को लेकर प्राचार्य Dr. Geeta Jain ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि एंटी-रैगिंग कमेटी की जांच में शिकायत तथ्यात्मक रूप से पुष्ट नहीं पाई गई और प्रथम दृष्टया यह फर्जी प्रतीत होती है।

प्राचार्य के अनुसार संस्थान में रैगिंग के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू है और इस तरह की भ्रामक शिकायतें न सिर्फ माहौल खराब करती हैं, बल्कि छात्रों और डॉक्टरों की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

वहीं हरिद्वार में एक निजी अस्पताल के साझेदारों के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सिटी अस्पताल के साझेदार Dr. Sumantu Virmani ने अपने ही साथियों पर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए बैंक खाते संचालित कर लाखों रुपये के गबन और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।

Jwalapur कोतवाली पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इधर उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया। Sitarganj के अमरिया रोड पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने एक रेडी को टक्कर मार दी, जिसमें सवार तीन युवकों शादाब, नाजिम और सुलतान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है।

तीनों घटनाएं अलग-अलग जरूर हैं, लेकिन एक बात साफ है। जहां एक ओर संस्थानों में अफवाहें और विवाद सामने आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अपराध और लापरवाही की घटनाएं भी लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। प्रशासन और समाज दोनों के लिए यह सतर्क रहने का समय है।