बड़ी घटना: ऋषिकेश में पर्यटक उत्पात, देहरादून में संदिग्ध मौत, पौड़ी में भालू का हमला

ऋषिकेश में पर्यटक उत्पात, देहरादून में संदिग्ध मौत, पौड़ी में भालू का हमला

देहरादून। उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आई तीन घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और वन्यजीव खतरे को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

ऋषिकेश के पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की अनुशासनहीनता, देहरादून में महिला अधिकारी की संदिग्ध मौत और पौड़ी में भालू के हमले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऋषिकेश के नीलकंठ क्षेत्र में सोमवार को एक महिला पर्यटक द्वारा सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने से रोके जाने पर सड़क पर हंगामा करने का मामला सामने आया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय लोगों द्वारा समझाने के बावजूद महिला ने विवाद बढ़ाया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की, जबकि उसके साथ मौजूद वाहन चालक को नशे में वाहन चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

इसी दिन तपोवन क्षेत्र से एक अन्य वीडियो सामने आया, जिसमें युवकों और एक युवती के बीच सड़क पर मारपीट होती दिखी। विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक के कपड़े तक फाड़ दिए गए।

इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने पर्यटन स्थलों पर बढ़ती अव्यवस्था और निगरानी की कमी पर चिंता जताई है।

दूसरी ओर, देहरादून में उरेडा में तैनात प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश्वरी की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है। मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि लंबे समय से चले आ रहे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का परिणाम बताया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पति पीयूष सिंह, जो आरबीआई में लिपिक पद पर कार्यरत है, को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मृतका की बहन की तहरीर पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आरोप है कि विवाह के बाद से ही राजेश्वरी को ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसमें मारपीट, मानसिक दबाव और तलाक की धमकियां शामिल थीं। पुलिस ने मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।

वहीं, पौड़ी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन क्षेत्र के च्वारा गांव में भालू के हमले की घटना ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। जानकारी के अनुसार, भुन्द्रा देवी नाम की महिला अपनी पुत्री के साथ जंगल में घास लेने गई थीं, तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया।

महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही पलायन की समस्या है और अब जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से ग्रामीण जीवन और कठिन होता जा रहा है।

इन तीनों घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में पर्यटन प्रबंधन, घरेलू हिंसा की रोकथाम और वन्यजीव नियंत्रण जैसे मुद्दों पर प्रभावी और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।