गजब: HRDA में ‘डिजिटल डाका’! पुरानी लॉगिन से नई फाइलें पास कराने का बड़ा खेल

HRDA में ‘डिजिटल डाका’! पुरानी लॉगिन से नई फाइलें पास कराने का बड़ा खेल

रिपोर्ट- सलमान मलिक

रुड़की। रुड़की से सामने आई एक सनसनीखेज जानकारी ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, प्राधिकरण के ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान सिस्टम (OBPS) में कथित रूप से बड़ी धांधली का खेल चल रहा है, जहां ‘पुरानी लॉगिन आईडी’ के जरिए ‘नई फाइलों’ को पास कराया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि इस खेल में कुछ रसूखदार आर्किटेक्ट्स और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं, जबकि नियम-कायदों को दरकिनार कर अवैध प्लॉटिंग को वैध बनाया जा रहा है।

कैसे चल रहा है ‘डिजिटल खेल’

सूत्रों का दावा है कि नए मास्टर प्लान और 2024 के कड़े नियमों से बचने के लिए फाइलों को पुराने सिस्टम के जरिए प्रोसेस किया जा रहा है।

  • पुरानी लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर नई फाइलें अपलोड और पास
  • बैक-डेटिंग के जरिए फाइलों को पुराने नियमों के तहत दिखाना
  • विकास शुल्क और जुर्माने से बचने के लिए सिस्टम में हेरफेर
  • अवैध कॉलोनियों के लेआउट को ‘लीगल’ बनाने की कोशिश

अवैध कॉलोनियों को मिल रहा संरक्षण?

रुड़की और आसपास के इलाकों में तेजी से विकसित हो रही बड़ी अवैध कॉलोनियों के लेआउट को इसी कथित गड़बड़ी के जरिए पास कराया जा रहा है। इससे न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि शहरी नियोजन की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।

सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि बिना आईटी सेल और उच्च स्तर की जानकारी के इस तरह की हेरफेर संभव नहीं है। पुरानी लॉगिन का उपयोग करना सीधे तौर पर सिस्टम सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है।

जांच की तैयारी

मामले की गूंज अब देहरादून तक पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, शासन स्तर पर शिकायत के बाद विजिलेंस और तकनीकी टीम द्वारा जांच शुरू की जा सकती है।

संभावित जांच बिंदु:

  • पिछले 6 महीनों में पुरानी लॉगिन से पास हुई फाइलों की स्क्रूटनी
  • डिजिटल टाइम-स्टैम्प की जांच
  • संदिग्ध आर्किटेक्ट्स और अधिकारियों की पहचान

क्या होगी कार्रवाई?

यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो कई बड़े आर्किटेक्ट्स और विभागीय अधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कस सकता है।

बड़ा सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार इस ‘डिजिटल घोटाले’ पर सख्त कार्रवाई करेगी, या फिर भू-माफिया और सिस्टम के अंदर बैठे लोग शहर के नक्शे से खिलवाड़ करते रहेंगे?