कलकत्ता हाईकोर्ट ने ECI के तबादलों को दी मंजूरी, PIL खारिज
कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव के दौरान IAS और IPS अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अधिकारियों का तबादला करने का पूर्ण अधिकार है।
यह याचिका वकील अर्का कुमार नाग द्वारा दायर की गई थी, जिसमें 15 मार्च के बाद बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों को चुनौती दी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि याचिका में ही ECI के अधिकार को स्वीकार किया गया है, ऐसे में बाद में उस पर सवाल उठाना तर्कसंगत नहीं है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि संविधान का अनुच्छेद 324 चुनाव आयोग को व्यापक शक्तियां देता है, जिसके तहत वह चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णय ले सकता है। केवल बड़ी संख्या में तबादले किए जाने से इसे मनमाना या दुर्भावनापूर्ण नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह चुनाव आयोग के प्रशासनिक फैसलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती, जब तक कि स्पष्ट रूप से मनमानी, दुर्भावना या कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के ठोस प्रमाण सामने न हों।
पश्चिम बंगाल को अलग से निशाना बनाए जाने के आरोपों को भी अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अन्य राज्यों में इससे अधिक तबादले किए गए हैं, इसलिए भेदभाव का दावा निराधार है।
इसके अलावा, अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर सका कि इन तबादलों से किसी प्रकार की सार्वजनिक क्षति हुई है। ऐसे में PIL को “सारहीन” मानते हुए खारिज कर दिया गया।
कोर्ट ने दोहराया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता बनाए रखना जरूरी है और चुनाव के दौरान उसके प्रशासनिक निर्णयों में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।




