क्राइम रिपोर्ट: रोड रेज मौत मामले में चार गिरफ्तार, लाखों की ठगी और शराब के खिलाफ बिगुल। उत्तराखंड में हालात चिंताजनक

रोड रेज मौत मामले में चार गिरफ्तार, लाखों की ठगी और शराब के खिलाफ बिगुल। उत्तराखंड में हालात चिंताजनक

देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से सामने आई हालिया घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सतर्कता और सामाजिक चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हरिद्वार के लक्सर में एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक शिक्षक से 36.20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया, जिसमें पीड़ित जहांगीर आलम ने आरोप लगाया कि उसकी मुलाकात वर्ष 2018 में हज ड्यूटी के दौरान डॉ. शकील अहमद से हुई थी और बाद में पारिवारिक संबंध बनने के बाद वर्ष 2024 में बेटे का एडमिशन कराने के नाम पर उससे बड़ी रकम ठग ली गई।

आरोपियों ने सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने का झांसा देकर फर्जी ई-मेल, फ्लाइट टिकट और कूट रचित दस्तावेज भेजकर भरोसा बनाए रखा, लेकिन जब जांच में दस्तावेज फर्जी निकले तो मामला खुल गया।

पैसे वापस करने के नाम पर टालमटोल, चेक बाउंस और धमकियों के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

वहीं नैनीताल जिले के हल्द्वानी में गैस सिलेंडर वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी का मामला सामने आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया।

दीपक रावत के निर्देश पर आउटसोर्स कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए, जब यह पाया गया कि डहरिया क्षेत्र में वितरण के दौरान भरे हुए सिलेंडर तो छोड़ दिए गए लेकिन बदले में खाली सिलेंडर नहीं लिए गए, जिससे कालाबाजारी और घटतौली की आशंका गहरा गई।

प्रशासन ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित कर्मचारियों को तलब किया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए और साफ किया गया कि आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया, जहां रोड रेज के दौरान चली गोलियों में मॉर्निंग वॉक पर निकले 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत हो गई।

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बार संचालक संदीप कुमार और मुख्य आरोपी आदित्य चौधरी शामिल हैं, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं।

जांच में सामने आया कि घटना की शुरुआत एक बार में हुए विवाद से हुई थी, जो अगले दिन सड़क पर हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फायरिंग की और करीब 8 से 9 राउंड गोलियां चलीं।

प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार आरोपियों के पास अवैध हथियार थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया है और संबंधित बार “ZEN Z” को सील कर उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इधर रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में महिलाओं का आक्रोश अवैध शराब के खिलाफ उबाल पर है, जहां केदारघाटी के गुप्तकाशी में महिला मंगल दलों और जनप्रतिनिधियों ने रैली निकालकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और चेतावनी दी कि यदि यात्रा मार्गों पर शराब की बिक्री और अवैध सप्लाई पर रोक नहीं लगी तो वे चक्काजाम जैसे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगी।

महिलाओं का कहना है कि शराबखोरी से सामाजिक वातावरण बिगड़ रहा है, युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है और धार्मिक पर्यटन की छवि भी खराब हो रही है।

वहीं पिथौरागढ़ के उडियारी बैंड में प्रस्तावित शराब की दुकान के विरोध में भी महिलाएं सड़क पर उतर आईं और साफ कर दिया कि जब तक दुकान निरस्त नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

इन सभी घटनाओं को एक साथ देखें तो स्पष्ट होता है कि प्रदेश में एक ओर ठगी और आपराधिक घटनाएं नए रूप में सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर आवश्यक सेवाओं में अनियमितता और सामाजिक स्तर पर बढ़ती समस्याएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।

ऐसे में प्रशासन के लिए चुनौती केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, सतर्कता और जनविश्वास बनाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है।