धामी सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन तय, चुनाव से पहले नौकरशाही में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
देहरादून। कैबिनेट विस्तार के बाद पुष्कर सिंह धामी और अधिक मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। अब मुख्यमंत्री बिना किसी दबाव के प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के मूड में हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने नौकरशाही में बड़े पैमाने पर फेरबदल की तैयारी पूरी कर ली है।
सूत्रों के अनुसार, सचिव कार्मिक की ओर से सचिव स्तर से लेकर जिलाधिकारियों (DM), अपर सचिवों और पीसीएस रैंक के अधिकारियों के तबादलों की विस्तृत फाइल तैयार कर मुख्यमंत्री को भेज दी गई है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं इस फाइल का बारीकी से परीक्षण कर रहे हैं और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
चरणबद्ध होगा तबादला अभियान
सरकार इस बड़े फेरबदल को एक ही बार में लागू करने के बजाय चरणों में अंजाम देने की योजना बना रही है। पहले चरण में सचिव, डीएम, अपर सचिव और वरिष्ठ फील्ड अधिकारियों के तबादले होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में एडीएम और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की सूची जारी की जाएगी।
आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में तबादलों की लगातार लहर देखने को मिल सकती है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
कामकाज में लापरवाही पर सख्ती
सरकार की नजर खासतौर पर उन अधिकारियों पर है, जिन पर काम में देरी या फाइलें लंबित रखने के आरोप हैं। कार्मिक विभाग ऐसे अफसरों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है, जो महीनों तक फाइलों को अटकाए रखते हैं या केंद्र से मिले बजट का समय पर उपयोग नहीं करते।
सूत्रों के मुताबिक, ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। करीब तीन दिन पहले तैयार की गई इस सूची का गहन परीक्षण किया जा रहा है, ताकि जिम्मेदार और कार्यकुशल अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया जा सके।
तीन साल से ज्यादा तैनाती वालों पर गाज
जिन अधिकारियों ने किसी एक पद पर तीन साल या उससे अधिक समय पूरा कर लिया है, उन्हें भी हटाया जाना लगभग तय माना जा रहा है।
चुनावी साल में आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार इन बदलावों को लागू करना चाहती है, ताकि बाद में किसी तरह की बाधा न आए।
आईएएस-आईपीएस दोनों में बदलाव संभव
इस व्यापक फेरबदल में केवल प्रशासनिक सेवा ही नहीं, बल्कि पुलिस महकमे में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। आईएएस के साथ-साथ आईपीएस अधिकारियों के प्रभार में भी बदलाव हो सकता है।
चुनावी तैयारी से जुड़ा बड़ा कदम
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में आने वाले दिनों में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका सीधा असर शासन-प्रशासन की कार्यशैली और सरकार की चुनावी तैयारियों पर पड़ेगा।
सरकार के इस कदम को नौकरशाही में अब तक की सबसे बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के रूप में देखा जा रहा है, जिसका काउंटडाउन शुरू हो चुका है।




