बड़ी खबर: ईरान को 48 घंटे की चेतावनी, Donald Trump बोले- पावर प्लांट करेंगे तबाह

ईरान को 48 घंटे की चेतावनी, Donald Trump बोले- पावर प्लांट करेंगे तबाह

नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच जारी युद्ध रविवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया है और हालात लगातार और गंभीर होते जा रहे हैं। एक ओर United States और Israel की ओर से ईरान पर हमले जारी हैं, वहीं Iran भी जवाबी कार्रवाई में इजराइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।

इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पाबंदी ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
सबसे बड़ा घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। ट्रंप ने साफ कहा कि कार्रवाई की शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से की जाएगी।

वहीं ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह पूरे क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले करेगा। इससे खाड़ी क्षेत्र में टकराव और तेज होने की आशंका है।

इधर इजराइल में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। दक्षिणी शहर अराद और डिमोना पर हुए मिसाइल हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। Benjamin Netanyahu ने हमलों के बाद घायलों के प्रति संवेदना जताते हुए जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ती जा रही है। International Atomic Energy Agency ने डिमोना में हमले के बाद स्थिति पर नजर रखते हुए कहा है कि परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं G7 देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की अपील की है।

इस बीच खाड़ी देशों में भी हमलों का सिलसिला जारी है। United Arab Emirates और Saudi Arabia ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा किया है।

सऊदी अरब ने कई ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, जबकि यूएई ने भी हवाई हमलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है।

रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर जारी तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है, तो इसका असर दुनिया भर में ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति पर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में हालात तेजी से युद्ध के व्यापक रूप लेने की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं फिलहाल कमजोर नजर आ रही हैं, जबकि सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अगले 48 घंटे इस संघर्ष को किस दिशा में ले जाते हैं।