बिग ब्रेकिंग: पहाड़ों में मौसम का डबल अटैक। 26 मार्च तक बारिश-बर्फबारी, ऊंचाई पर अवलांच का जोखिम

पहाड़ों में मौसम का डबल अटैक। 26 मार्च तक बारिश-बर्फबारी, ऊंचाई पर अवलांच का जोखिम

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने रविवार से लेकर 26 मार्च तक पांच दिनों का अलर्ट जारी किया है।

इस दौरान प्रदेश के कई पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार 22 मार्च से बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होगा। गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली, वहीं कुमाऊं मंडल के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश के साथ 3300 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान बादल गरजने और बिजली चमकने की भी संभावना है।

23 मार्च को मौसम का दायरा और बढ़ेगा। इन पांचों जिलों में बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी, जबकि अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क ही रहेगा।

24 मार्च को उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान है। इसके बाद 25 और 26 मार्च को एक बार फिर मौसम सक्रिय होगा और उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश-बर्फबारी का असर देखने को मिलेगा।

इसी बीच राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और यूएसडीएमए की ओर से हिमस्खलन को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

Defence Geoinformatics Research Establishment (DGRE) के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों को खतरे के स्तर-3 (मध्यम से अधिक जोखिम) में रखा गया है, जबकि रुद्रप्रयाग और बागेश्वर को स्तर-1 (निम्न जोखिम) में शामिल किया गया है।

प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने, छतों पर जमी बर्फ को समय-समय पर हटाने और पुराने हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों से निचले स्थानों की ओर अस्थायी रूप से शिफ्ट होने की भी सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के इस अलर्ट के बाद प्रशासन ने संबंधित जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। खासकर चारधाम यात्रा मार्गों और ऊंचाई वाले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।

कुल मिलाकर आने वाले पांच दिन पहाड़ी क्षेत्रों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, जहां एक ओर बारिश और बर्फबारी ठंड बढ़ाएगी, वहीं दूसरी ओर हिमस्खलन का खतरा भी लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।