हल्द्वानी से दो बड़े संदेश। राजनाथ सिंह बोले- विश्व संकट में, ‘धुरंधर धामी’ के साथ 2027 का भरोसा

हल्द्वानी से दो बड़े संदेश। राजनाथ सिंह बोले- विश्व संकट में, ‘धुरंधर धामी’ के साथ 2027 का भरोसा

  • ईरान-इजरायल तनाव पर चिंता, विकास के दावों के साथ उत्तराखंड में सियासी ताकत का प्रदर्शन

हल्द्वानी। उत्तराखंड में सियासत और वैश्विक मुद्दों का अनोखा संगम उस समय देखने को मिला, जब केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने हल्द्वानी की विशाल जनसभा से एक ओर जहां ईरान-इजरायल युद्ध पर चिंता जताई।

वहीं दूसरी ओर राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार साल के कार्यकाल की जमकर सराहना की। इस दौरान उन्होंने 2027 में फिर से सरकार बनने का भरोसा भी जताया।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण संकट के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जिस तरह के हमले हो रहे हैं, वह केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है।

“विश्व युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं, लेकिन इसका समाधान युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है,” उन्होंने कहा।

Rajnath Singh ने इस दौरान भारत की वैश्विक भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि आज अगर भारत कुछ कहता है तो दुनिया ध्यान से सुनती है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत को अब तक बड़े संकटों से बचाए रखा गया है।

उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इस युद्ध का असर वस्तुओं की उपलब्धता पर पड़ सकता है, लेकिन भारत सरकार इस दिशा में सतर्क है।

राजनीतिक मोर्चे पर भी रक्षा मंत्री ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की तारीफ करते हुए उन्हें “धाकड़ ही नहीं, धुरंधर धामी” बताया।

उन्होंने कहा कि धामी सरकार ने चार साल में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और छह साल पूरे होने तक यह उपलब्धियां और बड़ी होंगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और बजट भी लगातार बढ़ा है।

उन्होंने खनन क्षेत्र में सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने को बड़ी उपलब्धि बताया।

सीएम धामी ने सख्त नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी हो चुकी हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे, धार्मिक पर्यटन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

जनसभा में करीब 25 हजार लोगों की मौजूदगी का दावा किया गया, जिससे यह कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया। कार्यक्रम के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं, जिसमें सुरक्षा, यातायात और जनसुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया।

राजनाथ सिंह के दौरे ने एक साथ कई संदेश दिए। एक ओर वैश्विक मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया गया, तो दूसरी ओर उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा ने अपनी ताकत और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 2027 के चुनावी समीकरणों पर इस तरह के आयोजनों का कितना असर पड़ता है।