विदेश यात्रा, होटल और टूर एजेंसी में नियमों की अनदेखी, लाखों की फर्जी बिलिंग उजागर
देहरादून। वन विकास निगम में सामने आए कथित घोटाले ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि संबंधित अधिकारी ने अपनी पूरी विदेश यात्रा के दौरान यात्रा,
ठहराव और भोजन जैसे खर्च नियमानुसार स्वयं वहन करने के बजाय टूर एजेंसी के माध्यम से कराए।
आरोप है कि इस टूर एजेंसी के चयन में भी निर्धारित प्रक्रियाओं-जैसे टेंडर या कोटेशन-का पालन नहीं किया गया। इससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इससे पहले ही एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों के होटल बिल लगाने और देहरादून में मौजूदगी के बावजूद विदेश में ठहरने के फर्जी बिल प्रस्तुत करने का मामला सामने आ चुका है। अब नए खुलासों ने वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को और मजबूत कर दिया है।
प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधली और नियमों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और शासन स्तर पर जांच तेज कर दी गई है।
अब नजर इस बात पर टिकी है कि इस गंभीर प्रकरण में जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और क्या उच्च स्तर पर जवाबदेही तय की जाती है।


