चारधाम यात्रा 2026: मंदिरों में मोबाइल बैन, यूट्यूबर-ब्लॉगर पर भी सख्ती
देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इस बार यात्रा के दौरान कई अहम बदलाव किए गए हैं।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू करने का फैसला लिया है।
सबसे बड़ा फैसला मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरों को लेकर लिया गया है। अब श्रद्धालुओं को दर्शन से पहले अपने मोबाइल और कैमरे क्लॉकरूम में जमा कराने होंगे।
गर्भगृह में किसी भी स्थिति में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए मंदिर परिसरों में विशेष क्लॉकरूम बनाए जा रहे हैं।
इसके अलावा, मंदिर परिसर के सीमित दायरे में यूट्यूबर और ब्लॉगर्स के प्रवेश पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
समिति का मानना है कि तीर्थस्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए इस तरह के कदम जरूरी हैं और तीर्थाटन को पर्यटन से अलग रखना चाहिए।
यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
यात्रा वर्ष 2026-27 के लिए BKTC ने 121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास किया है। इस बजट में मंदिरों के रखरखाव, रेलिंग मरम्मत, रंग-रोगन, ऑनलाइन पूजा,
व्यवस्था और वेबसाइट को बेहतर बनाने जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ बनाने का भी प्रस्ताव पारित किया गया है।
श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। 6 मार्च से 16 मार्च के बीच 6.17 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
कुल मिलाकर, इस बार चारधाम यात्रा में व्यवस्था, सुरक्षा और धार्मिक अनुशासन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।



