डहरिया दोहरे हत्याकांड में दोषियों को हाईकोर्ट से जमानत
नैनीताल। हल्द्वानी के डहरिया में वर्ष 2017 में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने मामले के दो दोषियों अख्तर अली और महेंद्र नाथ गोश्वामी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
न्यायमूर्ति रविंद्र मैथानी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने दोनों की जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।
दरअसल, जिला सत्र न्यायाधीश नैनीताल ने 22 फरवरी 2017 को हल्द्वानी के डहरिया में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में 22 जून 2023 को अख्तर अली और महेंद्र नाथ गोश्वामी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस फैसले को चुनौती देते हुए दोनों आरोपियों ने वर्ष 2023 में नैनीताल हाईकोर्ट में अलग-अलग अपील दायर की थी। अपील लंबित होने के दौरान दोनों ने जमानत के लिए आवेदन किया था।
क्या है पूरा मामला
मामले के अनुसार पीड़ित ने 21 फरवरी 2017 की रात करीब 10 बजे अपनी पत्नी और माता से फोन पर बात की थी। इसके बाद 22 फरवरी 2017 की दोपहर उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी और मां की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है।
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ ही समय में इस वारदात में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें अख्तर अली और महेंद्र नाथ गोश्वामी शामिल थे। बताया गया कि अख्तर अली पहले पीड़ित के घर में काम भी कर चुका था।
सुनवाई में क्या तर्क दिए गए
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। दोनों हत्याएं खुले स्थान पर हुई थीं, जहां कोई भी व्यक्ति आ-जा सकता था।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सूचना के आधार पर एक स्क्रूड्राइवर, खून से सनी कमीज और कुछ अन्य सामान खुले स्थान से बरामद किया गया था, जो सीधे तौर पर आरोपियों से जुड़ा नहीं पाया गया। फोरेंसिक जांच में भी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि इन वस्तुओं का संबंध आरोपियों से है।
इन तथ्यों को देखते हुए अदालत से संदेह का लाभ देते हुए जमानत देने की मांग की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अख्तर अली और महेंद्र नाथ गोश्वामी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए।



