बिग ब्रेकिंग: PCS से IAS बने बंसीलाल राणा, 2022 कोटे की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी

PCS से IAS बने बंसीलाल राणा, 2022 कोटे की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी

देहरादून। उत्तराखंड में राज्य सिविल सेवा (PCS) से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति का लंबे समय से इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पदोन्नति कोटे के तहत पीसीएस अधिकारी बंसीलाल राणा को आईएएस कैडर में प्रमोशन मिल गया है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) की ओर से आदेश जारी होने के बाद अब वे आधिकारिक तौर पर उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी बन गए हैं।

दरअसल, राज्य में वर्ष 2022 की रिक्तियों के आधार पर पीसीएस अधिकारियों की पदोन्नति का मामला काफी समय से लंबित था। लंबे इंतजार के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित कर प्रक्रिया पूरी की और प्रमोशन का रास्ता साफ किया।

दो रिक्तियों के सापेक्ष हुई पदोन्नति प्रक्रिया

वर्ष 2022 में उत्तराखंड कैडर में पीसीएस से आईएएस पदोन्नति के लिए दो पद रिक्त थे। इन पदों को भरने के लिए राज्य सरकार की ओर से सात पीसीएस अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे गए थे। सीनियरिटी के आधार पर इनमें से दो अधिकारियों का चयन किया गया।

भगवत किशोर को मिला मरणोपरांत प्रमोशन

सीनियरिटी सूची में पहले स्थान पर रहे अधिकारी भगवत किशोर का पहले ही निधन हो चुका था। चूंकि रिक्तियां वर्ष 2022 की थीं, इसलिए उन्हें प्रक्रिया में शामिल किया गया और उन्हें मरणोपरांत पदोन्नति का लाभ दिया गया।

सीनियरिटी सूची में दूसरे स्थान पर मौजूद बंसीलाल राणा को भी इसी प्रक्रिया के तहत प्रमोशन मिला और वे आईएएस कैडर में शामिल हो गए।

वर्तमान में इस पद पर तैनात हैं राणा

बंसीलाल राणा वर्तमान में महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में निदेशक के पद पर तैनात हैं और लंबे समय से प्रशासनिक सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

तीन वर्षों की डीपीसी एक साथ कराने की थी मांग

उत्तराखंड सरकार चाहती थी कि वर्ष 2022 के साथ-साथ 2023 और 2024 की रिक्तियों को भी जोड़ते हुए एक साथ डीपीसी कराई जाए, ताकि लंबित पदोन्नतियों का निपटारा हो सके। हालांकि फिलहाल केवल वर्ष 2022 की रिक्तियों के आधार पर ही प्रमोशन प्रक्रिया पूरी की गई है।

नरेंद्र कुरियाल को नहीं मिल पाया प्रमोशन

सीनियरिटी सूची में आगे होने के बावजूद पीसीएस अधिकारी नरेंद्र कुरियाल को इस बार आईएएस पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया। माना जा रहा है कि यदि भगवत किशोर को मरणोपरांत पदोन्नति के लिए कंसीडर नहीं किया जाता तो कुरियाल को भी आईएएस बनने का मौका मिल सकता था।

आगे भी खुल सकते हैं प्रमोशन के रास्ते

मौजूदा स्थिति में वर्ष 2022 की दोनों रिक्तियां भर दी गई हैं। हालांकि आगे भी प्रमोशन की संभावनाएं बनी हुई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 2023 के लिए दो और 2024 के लिए चार पद अभी रिक्त हैं।

इन रिक्तियों को भरने के लिए भविष्य में फिर से डीपीसी आयोजित की जाएगी, जिसके बाद अन्य वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के लिए भी आईएएस बनने का रास्ता खुल सकता है।