राज्य में जीरो टॉलरेंस। NDPS में आरोपी गिरफ्तार और जिला बदर। तिहरे हत्याकांड में मृत्युदंड कायम
देहरादून। उत्तराखंड में नशे और जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। एक ओर नैनीताल जिले में 300 अवैध नशीले इंजेक्शनों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, वहीं टिहरी गढ़वाल में तिहरे हत्याकांड के अभियुक्त की मृत्युदंड की सजा पुनः बरकरार रखी गई है।
नैनीताल में नशामुक्त अभियान के तहत लालकुआं पुलिस ने सुभाषनगर बैरियर पर चेकिंग के दौरान मौ. रफी पुत्र शकील अहमद, निवासी उजालानगर बनभूलपुरा, को गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके कब्जे से 150 Avil और 150 Buprenorphine Injection IP सहित कुल 300 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।
आरोपी के खिलाफ कोतवाली लालकुआं में एफआईआर संख्या 38/26, धारा 8/22/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में नामजद रह चुका है।
पूछताछ में उसने इंजेक्शन बहेड़ी फाटक, बरेली निवासी एक व्यक्ति से खरीदने की बात स्वीकार की है। आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इसी क्रम में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए लालकुआं क्षेत्र के आदतन अपराधी कृपाल सिंह उर्फ सोनू को जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में छह मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं टिहरी गढ़वाल के गजा तहसील अंतर्गत गुमाल गांव में 13 दिसंबर 2014 को हुए तिहरे हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अभियुक्त को मृत्युदंड की सजा बरकरार रखी है।
इससे पूर्व 24 अगस्त 2021 को भी मृत्युदंड सुनाया गया था, जिसे पुष्टि के लिए नैनीताल हाईकोर्ट भेजा गया था। 10 मई 2022 को हाईकोर्ट ने मामले को पुनः सुनवाई के लिए निचली अदालत को लौटाया था।
पुनर्विचारण के दौरान मानसिक परीक्षण में अभियुक्त को ‘फिट फॉर ट्रायल’ पाया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मृत्युदंड तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इन दोनों घटनाओं से स्पष्ट है कि राज्य में नशे के कारोबार और गंभीर अपराधों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए



