रुद्रप्रयाग में रिवर ड्रेजिंग पर सवाल, 6 मीटर खुदाई से भड़का जनाक्रोश
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जिले में रिवर ड्रेजिंग के नाम पर मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। जलई पट्टे में निर्धारित सीमा से अधिक, करीब 6 मीटर तक खुदाई किए जाने के आरोपों ने स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।
लोगों का कहना है कि यह कार्य नियमों के विपरीत किया जा रहा है, जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि भारी मशीनों से अंधाधुंध खनन कर नदी का सीना चीरा जा रहा है। जबकि नीति के अनुसार ड्रेजिंग का,
उद्देश्य केवल नदी के प्रवाह को सुचारु करना और सीमित चैनलाइजेशन तक ही होना चाहिए। गहराई की अधिकतम सीमा तय है, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक खुदाई से नदी का प्राकृतिक प्रवाह असंतुलित हो सकता है, तटवर्ती क्षेत्रों में कटाव बढ़ सकता है ,
और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। साथ ही भूजल स्तर गिरने और पुल-सड़कों की नींव कमजोर होने जैसी आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।
खनन विभाग के अधिकारियों ने मामले में जांच की बात कही है। संबंधित अधिकारी के अनुसार निर्धारित सीमा 3 मीटर तक है और यदि इससे अधिक खुदाई पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर अवैध खनन पर रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।


