दर्दनाक हादसे: खुदी सड़क ने ली बुजुर्ग की जान, पिथौरागढ़ में खाई हादसों में युवक व दंपति की मौत

खुदी सड़क ने ली बुजुर्ग की जान, पिथौरागढ़ में खाई हादसों में युवक व दंपति की मौत

देहरादून। प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हुए दर्दनाक हादसों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्द्वानी में खुदी सड़क के कारण एक बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि पिथौरागढ़ जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक दंपति की मौत हो गई।

हल्द्वानी: सीवर खुदान बना जानलेवा

हल्द्वानी के पनचक्की रोड स्थित अंबिका विहार के पास रविवार दोपहर 70 वर्षीय सुरेश चंद्र पांडे स्कूटी से जा रहे थे। सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में स्कूटी असंतुलित होने से वे पीछे से आ रहे ट्रक के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी को 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों से सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है।

शहर में चल रहे सीवर और पेयजल लाइन कार्यों के चलते जगह-जगह खुदी सड़कें हादसों का कारण बन रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद भी सड़कों को पूर्व स्थिति में नहीं लाया जा रहा।

मुनस्यारी: 100 मीटर गहरी खाई में गिरा युवक

पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी क्षेत्र में कालामुनि और बेटुली धार के बीच 26 वर्षीय रमेश राम अपनी भेड़-बकरियों को चराने जंगल गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया। चट्टानों से टकराने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद पुलिस को सूचना दी गई। कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रमेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

घाट क्षेत्र: बारात से लौटते समय कार खाई में गिरी

टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर घाट के पास रविवार देर शाम एक कार अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में योगेश कुमार (38) और उनकी पत्नी निधि आर्या (26) की दर्दनाक मौत हो गई।

दोनों पिथौरागढ़ के बजेटी गांव के निवासी थे। योगेश कुमार लोक निर्माण विभाग में कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी सरकारी सेवा में थीं। एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने अंधेरे में रेस्क्यू अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है।

एक ओर विकास कार्यों के दौरान लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है, वहीं दूसरी ओर दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की कमी भी दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।

प्रदेश में बढ़ते हादसे इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि विकास कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन और निगरानी बेहद जरूरी है।