बड़ी खबर: खनन माफियाओं का आतंक। वन दारोगा को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास, तीन पर मुकदमा दर्ज

खनन माफियाओं का आतंक। वन दारोगा को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास, तीन पर मुकदमा दर्ज

रिपोर्ट- दिलीप अरोरा

सितारगंज। प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीमों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला जनपद उधम सिंह नगर के सितारगंज क्षेत्र का है, जहां रनसाली वन रेंज में अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया।

आरोप है कि वन दारोगा को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की गई और जब इसमें सफलता नहीं मिली तो वनकर्मियों के साथ जमकर मारपीट की गई।

गश्त के दौरान सामने आया अवैध खनन

जानकारी के अनुसार रनसाली रेंज में वन दारोगा नंद किशोर पांडे, वन आरक्षी शक्ति सिंह और वन बीट अधिकारी भूपेंद्र कुमार आरक्षित वन क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे।

जब टीम कैलाश नदी किनारे पहुंची तो वहां तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में उपखनिज (रेत-बजरी) भरी जा रही थी।
वन विभाग की टीम ने खनन कर रहे लोगों से वैध दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन वे कोई कागज प्रस्तुत नहीं कर सके।

रोकने पर हमला, ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास

वनकर्मियों के अनुसार जब टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में लेने की कोशिश की तो साधुनगर निवासी राजकुमार समेत अन्य आरोपियों ने अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।

आरोप है कि वन दारोगा को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास भी किया गया। घटना के दौरान वनकर्मियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुलिस में मुकदमा दर्ज

वन दारोगा की तहरीर के आधार पर सितारगंज पुलिस ने राजकुमार समेत कुल तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को भी साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया जाएगा।

बढ़ता अवैध खनन और सुरक्षा पर सवाल

सितारगंज के कैलाश नदी क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि,

  • क्या वन विभाग की टीमें पर्याप्त सुरक्षा के साथ कार्रवाई कर रही हैं?
  • खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही?

क्या स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कमजोर है?
प्रदेश में लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा करती हैं।