क्राइम रिपोर्ट: उत्तराखंड में एक दिन, चार बड़ी घटनाएं। हादसा, सजा और सियासत, पढ़ें….

उत्तराखंड में एक दिन, चार बड़ी घटनाएं। हादसा, सजा और सियासत, पढ़ें….

उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों से सामने आई चार बड़ी घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकासनगर में सड़क हादसे में महिला शिक्षिका की मौत हो गई,

चंपावत में दुष्कर्म मामले में अदालत ने 12 साल की सजा सुनाई, गदरपुर में जनसुनवाई के दौरान युवक ने आत्मदाह की कोशिश की, जबकि उधम सिंह नगर में अवैध हथियार मामले ने सियासत गरमा दी है।

विकासनगर: बोलेरो-बाइक भिड़ंत में शिक्षिका की मौत

देहरादून जनपद के विकासनगर क्षेत्र में सहसपुर थाना अंतर्गत हर्बटपुर और धर्मावाला के बीच बोलेरो और बाइक की आमने-सामने टक्कर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय प्रतीतपुर की,

प्रधानाध्यापिका सुशीला बिंजोला (59) की मौत हो गई। वह स्कूल से छुट्टी के बाद अपने सहकर्मी प्रवीण वर्मा के साथ बाइक से घर लौट रही थीं।

हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिक्षिका को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल शिक्षक को हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

चंपावत: दुष्कर्म के दोषी को 12 साल की सजा

चंपावत जिला सत्र न्यायालय ने अगस्त 2024 में दर्ज दुष्कर्म मामले में नेपाली मूल के आरोपी को 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि जंगल में मवेशी चराने के दौरान आरोपी ने जबरन दुष्कर्म किया। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। इस फैसले को महिला सुरक्षा के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

गदरपुर: जनसुनवाई में आत्मदाह की कोशिश

उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर में जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक युवक पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह के इरादे से पहुंच गया। पुलिस की तत्परता से बड़ी अनहोनी टल गई।

युवक का आरोप है कि चार महीने पहले उसकी पत्नी का पर्स लूट लिया गया था, लेकिन पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही जांच शुरू की। लगातार अनदेखी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाने की कोशिश की। पुलिस ने उसे समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

उधम सिंह नगर: अवैध हथियार मामले से राजनीतिक घमासान

बरेली पुलिस द्वारा अवैध हथियार सप्लाई गिरोह का खुलासा किए जाने के बाद उधम सिंह नगर की राजनीति में हलचल मच गई है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में किच्छा क्षेत्र के एक पूर्व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष का नाम लिया है।

किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।