एक ही गांव में दो महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म, अश्लील वीडियो वायरल। क्षेत्र में आक्रोश
रिपोर्ट- अमित भट्ट
देहरादून। हरिद्वार जनपद के रुड़की क्षेत्र के एक ही गांव में दो अलग-अलग समय पर हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं ने इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
दोनों मामलों में पीड़ित महिलाओं को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामलों की प्रकृति समान होने से प्रशासन और पुलिस की संवेदनशीलता भी बढ़ गई है।
पहली घटना: नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म, वीडियो से ब्लैकमेल
रुड़की कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला के पति ईंट-भट्टे पर काम करते हैं और करीब छह माह पहले कोटद्वार गए थे। पुलिस व पीड़िता के बयान के अनुसार, पति के एक परिचित ने महिला को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह बेहोशी की हालत में चली गई।
आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों को बुलाया और तीनों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस दौरान अश्लील वीडियो भी बनाई गई।
बाद में वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर महिला को लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। विरोध करने पर आरोपियों ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट ने बताया कि इस मामले में मेहरबान सहित तीन आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
दूसरी घटना: नशीली चाय पिलाकर दुष्कर्म, वीडियो वायरल
दूसरी घटना में पीड़िता मूल रूप से मेरठ की निवासी है और वर्तमान में रुड़की-कलियर क्षेत्र में रह रही है। पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी को उसकी मुलाकात कोतवाली क्षेत्र के एक युवक से हुई। बातचीत के दौरान युवक ने महिला को नशीली चाय पिलाई और फिर उसे अपने घर ले गया, जहां अपने एक साथी के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
इस घटना में भी अश्लील वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है। पुलिस ने पीड़िता से संपर्क कर लिया है। महिला ने रविवार को तहरीर देने की बात कही है। तहरीर मिलने के बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।



