बिग ब्रेकिंग : यूनियन दबाव बनाम प्रशासनिक अनुशासन: टनकपुर डिपो में महिला अधिकारी से अभद्रता का मामला

यूनियन दबाव बनाम प्रशासनिक अनुशासन: टनकपुर डिपो में महिला अधिकारी से अभद्रता का मामला

उत्तराखंड : उत्तराखंड परिवहन निगम के टनकपुर डिपो से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने निगम की कार्यसंस्कृति, प्रशासनिक अनुशासन और कर्मचारी संगठनों की भूमिका पर अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह प्रकरण एक महिला वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी के साथ कथित अभद्रता और उसके बाद हुए घटनाक्रम से जुड़ा हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री नीरज सिंह सहित संगठन से जुड़े हरीश जोशी और रवि शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने संगठन पदाधिकारी होने का लाभ उठाते हुए डिपो में कार्यरत महिला वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी के साथ अमर्यादित व्यवहार किया।

इस संबंध में पीड़ित महिला अधिकारी द्वारा सहायक महाप्रबंधक (संचालन), टनकपुर को लिखित शिकायत दी गई थी, जिसमें व्यवहार को अनुशासनहीन और कार्यालयीन गरिमा के प्रतिकूल बताया गया।

शिकायत के बाद सहायक महाप्रबंधक (संचालन) के स्तर से कराई गई निष्पक्ष जांच में आरोपों की पुष्टि हुई। जांच आख्या को गंभीरता को देखते हुए मंडलीय प्रबंधक, टनकपुर को अग्रसारित किया गया।

इसके पश्चात नियमों के अनुरूप संबंधित संगठन पदाधिकारियों का अन्य डिपो में स्थानांतरण किया गया।

सूत्र बताते हैं कि इसके बावजूद संगठन के दबाव में उसी प्रकरण की पुनः जांच कराए जाने का प्रयास किया गया। दूसरी जांच में भी संबंधित कर्मचारी दोषी पाए गए, जिससे पहले की जांच रिपोर्ट की पुष्टि हुई।

इसके बाद भी आरोप है कि संगठन के प्रभाव का उपयोग करते हुए प्रशासनिक निर्णयों को चुनौती दी गई और मंडलीय प्रबंधक व सहायक महाप्रबंधक पर निराधार आरोप लगाकर मीडिया के माध्यम से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।

निगम के भीतर यह चर्चा आम है कि यदि दोष सिद्ध होने के बावजूद संगठन के दबाव में प्रशासनिक अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से निशाना बनाया जाएगा, तो इससे न केवल कार्यस्थल का अनुशासन प्रभावित होगा, बल्कि निगम की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

फिलहाल, पूरे मामले पर उत्तराखंड परिवहन निगम प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।