बिग ब्रेकिंग : उत्तराखंड में एक लाख से अधिक पेंशनर्स की पेंशन अटकी, आदेश के बाद मचा हड़कंप

उत्तराखंड में एक लाख से अधिक पेंशनर्स की पेंशन अटकी, आदेश के बाद मचा हड़कंप

रिपोर्टर : राजकुमार धीमान

देहरादून। उत्तराखंड में एक लाख से अधिक रिटायर्ड कार्मिक फरवरी माह की 04 तारीख तक भी अपनी पेंशन का इंतजार करते रहे। आमतौर पर हर माह की

01 तारीख को खाते में आने वाली पेंशन इस बार इसलिए अटक गई, क्योंकि सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के हजारों वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन सूची से बाहर किया जा रहा था।

दरअसल, उत्तराखंड शासन ने 16 जनवरी 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि 01 अक्टूबर 2005 से पहले जिन वर्कचार्ज कार्मिकों का विनियमितिकरण नहीं हुआ, उन्हें पेंशन का लाभ नहीं दिया जाएगा। जबकि ऐसे हजारों वर्कचार्ज कर्मी अब तक पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ ले रहे थे।

शासनादेश जारी होते ही संबंधित विभागों ने अपात्र पाए गए वर्कचार्ज कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें पेंशन भुगतान से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

इसी कवायद के चलते अन्य नियमित और पात्र पेंशनर्स की पेंशन भी तकनीकी रूप से अटक गई, जिससे राज्यभर में बुजुर्ग पेंशनर्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, कोषागार निदेशालय ने मंगलवार देर रात तक काम कर पेंशन जारी करने की प्रक्रिया पूरी की। हालांकि, दोपहर तक केवल सतपुली ट्रेज़री से ही पेंशन जारी हो सकी थी।

प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में पेंशनर्स दोपहर बाद तक भी अपने खातों में पेंशन की राशि का इंतजार करते रहे।

पेंशन में देरी को लेकर पेंशनर्स में नाराजगी देखी गई, वहीं विभागीय स्तर पर इसे आदेश के अनुपालन से जुड़ी अनिवार्य प्रक्रिया बताया जा रहा है।