अटल आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजना में बड़ा बदलाव, इलाज होगा आसान, कागजी कार्रवाई होगी कम
देहरादून। उत्तराखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी व सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत अटल आयुष्मान योजना और गोल्डन कार्ड योजना के संचालन में अहम बदलाव किए जा रहे हैं।
इन बदलावों का सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा, वहीं सरकार पर बढ़ते स्वास्थ्य खर्च का दबाव भी कम होगा।
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अटल आयुष्मान योजना को पूरी तरह इंश्योरेंस मोड में और गोल्डन कार्ड योजना को हाइब्रिड मोड में संचालित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को बीते वर्ष 24 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग इसे लागू करने की तैयारी में जुट गया है।
क्या है बदलाव की वजह
अटल आयुष्मान योजना के तहत अब तक लाखों मरीजों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा चुकी है, लेकिन लगातार बढ़ते खर्च के चलते राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ भी बढ़ा है। वहीं गोल्डन कार्ड योजना में कर्मचारियों के अंशदान के बावजूद सरकार को बड़ी राशि वहन करनी पड़ रही है। इन्हीं कारणों से दोनों योजनाओं के संचालन मॉडल में बदलाव का फैसला लिया गया है।
अटल आयुष्मान योजना: इंश्योरेंस मोड में संचालन
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड की मिशन निदेशक रीना जोशी के अनुसार, अटल आयुष्मान योजना को इंश्योरेंस मोड पर संचालित करने से लाभार्थियों को कोई नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
आयुष्मान कार्ड धारकों को कोई नया या अलग नंबर नहीं दिया जाएगा। मौजूदा आयुष्मान कार्ड से ही निशुल्क इलाज की सुविधा जारी रहेगी , अब तक इलाज का क्लेम अस्पतालों द्वारा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण से लिया जाता था ।
नई व्यवस्था में क्लेम इंश्योरेंस कंपनी के जरिए दिया जाएगा, इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि योजना की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और कागजी कार्रवाई में भी कमी आएगी।
गोल्डन कार्ड योजना: हाइब्रिड मॉडल लागू
स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने बताया कि गोल्डन कार्ड योजना को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत:
- 5 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह कैशलेस रहेगा
- इलाज का खर्च 5 लाख रुपये से अधिक होता है, तो उसे इंश्योरेंस मोड के तहत कवर किया जाएगा
इस व्यवस्था से कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी और सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव भी नहीं पड़ेगा।
उत्तराखंड हेल्थ स्कीम के अहम आंकड़े
- अटल आयुष्मान योजना की शुरुआत: 25 दिसंबर 2018
- अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों का निशुल्क इलाज
- राज्य सरकार का कुल खर्च: करीब 3400 करोड़ रुपये
- प्रदेश में 61 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी
- गोल्डन कार्ड योजना पर पिछले 5 वर्षों में खर्च: करीब 750 करोड़ रुपये
- योजना में कर्मचारियों का अंशदान: 60 से 65 प्रतिशत
सरकार और जनता—दोनों को फायदा
इन बदलावों के लागू होने के बाद जहां एक ओर राज्य सरकार को निशुल्क इलाज के बढ़ते खर्च से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर मरीजों को इलाज के लिए कम कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
आसान क्लेम सिस्टम, बेहतर प्रबंधन और इंश्योरेंस आधारित मॉडल से उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, अटल आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजनाओं में यह बदलाव राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



