होमगार्ड वर्दी घोटाले मामले में DIG अमिताभ श्रीवास्तव निलंबित
- एक करोड़ के सामान का तीन करोड़ भुगतान, 500 के जूते 1500 में खरीदने के आरोप
देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की गहन जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है। महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई थी। इसी रिपोर्ट की संस्तुति पर मुख्यमंत्री ने यह कड़ा कदम उठाया।
अफसरों–ठेकेदारों की मिलीभगत से हुआ घोटाला
जांच में सामने आया कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से एक करोड़ रुपये के सामान का भुगतान तीन करोड़ रुपये दिखाया गया। आरोप है कि बाजार भाव से करीब तीन गुना अधिक कीमत पर वर्दी सामग्री खरीदी गई।
- 130 रुपये का डंडा – 375 रुपये
- 500 रुपये का जूता – 1500 रुपये
- 1200 रुपये की पेंट-शर्ट – 3000 रुपये
- 500 रुपये की जैकेट – 1580 रुपये
जब बाजार दरों और टेंडर रेट में भारी अंतर पाया गया, तो विभागीय जांच कराई गई। बाजार से कोटेशन लेने पर स्पष्ट हुआ कि अधिकांश सामान अत्यधिक महंगे दामों पर खरीदे गए थे।
नए डीजी ने पकड़ा घोटाला
यह घोटाला वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुआ था। जब 2025-26 में भी उन्हीं दरों पर दोबारा टेंडर निकाला गया, तब विभाग में तैनात नए डीजी पीवीके प्रसाद ने अनियमितता पकड़ ली।
उन्होंने टेंडर रद्द कराते हुए आरोपी डिप्टी कमांडेंट अमिताभ श्रीवास्तव के खिलाफ केस दर्ज कराने, करीब दो करोड़ रुपये की रिकवरी और सेवा से बर्खास्तगी की संस्तुति शासन को भेजी थी। इसके बाद विभाग में वर्दी खरीद पर रोक लगा दी गई थी।
सीएम धामी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब संयुक्त जांच समिति पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। निलंबन की कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।



