शर्मनाक: मासूम से दरिंदगी करने वाले दोषी को उम्रकैद, एक लाख रुपये जुर्माना

मासूम से दरिंदगी करने वाले दोषी को उम्रकैद, एक लाख रुपये जुर्माना

देहरादून। देहरादून में पांच साल की मासूम बच्ची के साथ हुई अमानवीय हैवानियत के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल ले जाकर पहले दुष्कर्म और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से हत्या करने वाले आरोपी पर अदालत ने कुल एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि नाबालिगों के खिलाफ इस तरह के जघन्य अपराध समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करते हैं। ऐसे मामलों में दोषी को प्रोबेशन या किसी भी प्रकार की रियायत देना न्याय व्यवस्था के साथ समझौता होगा।

2021 की दिल दहला देने वाली घटना

अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2021 में आरोपी चुनचुन कुमार महतो ने लगभग पांच वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। जंगल में ले जाकर उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में अपराध के साक्ष्य छिपाने के इरादे से उसकी निर्मम हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया।

प्रोबेशन देने से अदालत का स्पष्ट इनकार

सजा के समय बचाव पक्ष ने आरोपी की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा और प्रोबेशन का लाभ देने की मांग की।

वहीं अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता और अमानवीय कृत्य को देखते हुए कठोरतम सजा की मांग की। अदालत ने अभियोजन के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि इस तरह के अपराधों में नरमी का कोई स्थान नहीं है।

सजा और मुआवजा

अदालत ने आरोपी को, आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड

पोक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड की सजा सुनाई।
सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने निर्देश दिया कि वसूली गई राशि में से 60 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को मुआवजे के रूप में दिए जाएं।

समाज के लिए कड़ा संदेश

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मासूम बच्चों के खिलाफ किए गए ऐसे अपराध न केवल कानून, बल्कि पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर देते हैं। दोषी को कठोर सजा देना समाज में न्याय, सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करता है।