क्राइम रिपोर्ट: मासूम की मौत, जानलेवा हमला, सड़क हादसों से दहला प्रदेश

मासूम की मौत, जानलेवा हमला, सड़क हादसों से दहला प्रदेश

उत्तराखंड। राज्य के अलग–अलग जिलों से सामने आईं घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और जन-जीवन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

टिहरी गढ़वाल से लेकर रुद्रपुर, चमोली, लक्सर और मसूरी तक बीते 24 घंटों में हुई घटनाओं में मासूम बच्चों की मौत, जानलेवा हमले, सड़क हादसे और जमीन कब्जे के आरोपों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।

टिहरी गढ़वाल के नई टिहरी स्थित सीआईएसएफ कॉलोनी में ठंड से बचने के लिए घर के अंदर जलाई गई अंगीठी का धुआं चार वर्षीय बच्ची के लिए जानलेवा साबित हुआ।

दम घुटने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफ किया गया है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे बंद कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा होने का मामला मान रही है।

वहीं रुद्रपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे व नगर निगम पार्षद सौरभ बेहड़ पर बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज में तीन नकाबपोश हमलावरों द्वारा स्कूटी गिराकर मारपीट किए जाने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पुलिस ने कई संदिग्धों को चिन्हित कर पूछताछ शुरू कर दी है।

इसी जिले में बाजपुर क्षेत्र से एक बुजुर्ग महिला अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। महिला ने प्रभावशाली लोगों पर जमीन पर जबरन कब्जा करने और जान से मारने की धमकियों के आरोप लगाए।

न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी से प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

चमोली जिले के नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग पर एक कार के गहरी खाई में गिरने से 26 वर्षीय चालक की मौत हो गई। वहीं मसूरी के कैंपटी फॉल क्षेत्र में भी एक कार खाई में गिर गई, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सड़क पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को हादसों का कारण बताया है।

लक्सर में ट्रक और बाइक की भिड़ंत में तीन वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने ट्रक चालक को पकड़कर मारपीट की, जिसे पुलिस ने किसी तरह बचाया।

इसके अलावा हरिद्वार–लक्सर मार्ग पर कार और ई-रिक्शा की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की मौत और चार के घायल होने की खबर ने भी सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।

इन तमाम घटनाओं के बीच काशीपुर किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की जांच भी तेज हो गई है। एसआईटी टीम ने मृतक के परिजनों से बयान दर्ज किए हैं और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया गया है।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने उत्तराखंड में सुरक्षा, प्रशासनिक निगरानी और आपदा व दुर्घटना रोकथाम को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। आमजन की सुरक्षा को लेकर शासन–प्रशासन पर एक बार फिर प्रभावी कदम उठाने का दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।