बड़ी खबर: मकर संक्रांति पर अगस्त्यमुनि में बवाल, डोली प्रवेश न मिलने पर टूटा मैदान का गेट। घंटों जाम रहा केदारनाथ हाईवे

मकर संक्रांति पर अगस्त्यमुनि में बवाल, डोली प्रवेश न मिलने पर टूटा मैदान का गेट। घंटों जाम रहा केदारनाथ हाईवे

रुद्रप्रयाग। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब केदारनाथ हाईवे पर स्थित अगस्त्यमुनि मैदान में अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक डोली यात्रा को प्रवेश नहीं मिल पाया।

डोली को मंदिर से रवाना होकर अगस्त्य ऋषि के मैदान में पहुंचना था, जहां सैकड़ों की संख्या में भक्त पहले से मौजूद थे।

जानकारी के अनुसार, मैदान का मुख्य गोल गेट ऊपर से बंद होने के कारण डोली का प्रवेश रुक गया। इससे नाराज भक्तों ने मौके पर विरोध शुरू कर दिया और कुछ लोगों ने गेट पर चढ़कर उसे तोड़ने का प्रयास किया।

इस दौरान महिलाएं भी गेट पर चढ़कर हथौड़े से गेट तोड़ती नजर आईं। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

15 साल बाद निकली थी डोली यात्रा

गुरुवार को मकर संक्रांति के अवसर पर निकली अगस्त्य ऋषि की डोली यात्रा करीब 15 वर्षों बाद आयोजित की गई थी। डोली समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन की जानकारी पहले ही प्रशासन को दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

तीन घंटे तक जाम रहा केदारनाथ हाईवे

गेट को लेकर हुए विवाद के चलते केदारनाथ हाईवे पर करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा। हालांकि, कई घंटों की मशक्कत के बाद भक्तों ने अगस्त्यमुनि मैदान का गोल गेट तोड़ दिया, जिसके बाद मुनि महाराज की डोली और निशान मैदान में प्रवेश कर सके।

गद्दी स्थल पर डोली पहुंचते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद हाईवे पर लगा जाम भी खुल गया।

प्रशासन ने कार्रवाई के दिए संकेत

मामले को लेकर रुद्रप्रयाग के एसडीएम ने कहा कि कुछ शरारती तत्व लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्टेडियम निर्माण को लेकर पहले से चल रहा है विवाद

गौरतलब है कि अगस्त्यमुनि मैदान में सरकार द्वारा स्टेडियम निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसका अगस्त्य ऋषि मंदिर समिति और स्थानीय लोग लंबे समय से विरोध कर रहे हैं।

लोगों का दावा है कि यह भूमि मंदिर की है और इसी को लेकर क्षेत्र में लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहे हैं। मकर संक्रांति पर हुआ यह विवाद भी उसी असंतोष का परिणाम माना जा रहा है।