क्राइम: उत्तराखंड की बड़ी खबरें। हादसों, ठगी, भर्ती अव्यवस्था और विदेश में फंसे युवाओं की चीख

उत्तराखंड की बड़ी खबरें। हादसों, ठगी, भर्ती अव्यवस्था और विदेश में फंसे युवाओं की चीख

देहरादून। उत्तराखंड में एक ही दिन में सामने आईं कई घटनाओं ने राज्य की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। सड़क पर मौत का तांडव, साइबर ठगों की बढ़ती सक्रियता, सरकारी भर्तियों में अव्यवस्था और विदेश में नौकरी के नाम पर युवाओं के साथ हो रही धोखाधड़ी इन सबने प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

राजधानी देहरादून में तपोवन रोड पर तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे काम कर रहे बुजुर्ग को कुचल दिया। 60 वर्षीय राजेश वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार मकान की दीवार से टकराकर पलट गई।

पुलिस ने कार चालक, ऑडिट विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी को हिरासत में ले लिया है। चालक का कहना है कि गाड़ी चलाते समय अचानक आंखों के सामने अंधेरा छा गया। फिलहाल परिजनों की ओर से तहरीर नहीं मिली है।

हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में सड़क हादसे ने दो युवाओं की जिंदगी छीन ली। ऋषिकेश लौट रहे बाइक सवार युवक ओवरटेक करने के दौरान डिवाइडर से टकरा गए और पीछे से आ रहे वाहन की चपेट में आ गए।

दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हादसे की जांच कर रही है। वहीं सिडकुल क्षेत्र में हिट एंड रन के एक अन्य मामले में घायल महिला की मौत के बाद अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

साइबर अपराध के मोर्चे पर देहरादून से चिंताजनक मामला सामने आया है। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान से सेवानिवृत्त 82 वर्षीय वैज्ञानिक ऑनलाइन पेमेंट एप की समस्या सुलझाने के चक्कर में साइबर ठगों का शिकार हो गए।

फर्जी बैंक अधिकारी बनकर आए ठगों ने मोबाइल हैक कर उनके खाते से 3.39 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विदेश में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए रुद्रपुर से आई खबर चेतावनी बनकर सामने आई है। दुबई में फंसे चार युवकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

आरोप है कि एजेंटों ने काम का झांसा देकर मोटी रकम ली, पासपोर्ट जब्त किए और अमानवीय हालात में काम करने को मजबूर किया। मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

शिक्षा विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है। देहरादून में बेसिक शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिससे नाराज अभ्यर्थियों ने हंगामा किया।

विभाग का कहना है कि मेरिट के आधार पर काउंसलिंग की जा रही है और सभी पद जल्द भरे जाएंगे, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रक्रिया अव्यवस्थित और भ्रमपूर्ण रही।

एक ही दिन में सामने आईं ये घटनाएं बताती हैं कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक सुरक्षा को लेकर अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। सवाल यही है कि क्या इन घटनाओं के बाद व्यवस्थाएं सुधरेंगी या फिर यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।