गुड न्यूज: दून और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों को मिले एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सक

दून और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों को मिले एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सक

देहरादून। राज्य सरकार ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून और पं. रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर में विभिन्न संकायों के लिए एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

इन नियुक्तियों से दोनों मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही संकाय सदस्यों की कमी दूर होगी, वहीं चिकित्सा शिक्षा, शोध और अस्पतालों की क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मेडिकल छात्रों को बेहतर शिक्षण और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा तथा मरीजों को भी उन्नत और समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है।

इसी क्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित साक्षात्कार समिति द्वारा वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया गया।

चयन प्रक्रिया के बाद एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों के नामों को अंतिम रूप दिया गया, जिन्हें अब राज्य सरकार की स्वीकृति के साथ नियुक्ति प्रदान की गई है।

चयन के अनुसार, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में कुल आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है। इनमें रेडियो डायग्नोसिस विभाग में प्रोफेसर पद पर डॉ. ब्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी का चयन किया गया है।

इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डॉ. मनीष कुमार, ब्लड बैंक में डॉ. सनोबर शमीम, आर्थोपेडिक्स में डॉ. मयंक सिंघल, एंटीनेटल चाइल्ड केयर में डॉ. सारा गुलेरिया, मेटरनिटी चाइल्ड हेल्थ केयर में डॉ. रूचि कर्नाटक तथा एनेस्थीसिया विभाग में डॉ. पूजा सांगोले और डॉ. इशिता बहुखण्डी को असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्त किया गया है।

वहीं पं. रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर में चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है। इनमें आब्स एंड गायनी विभाग में डॉ. प्रेरणा छाबड़ा, ईएनटी विभाग में डॉ. ललित सिंह पोखरिया, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डॉ. मयूरी श्रीवास्तव और स्किन रोग विभाग में डॉ. चिराग सैनी को असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्त किया गया है।

इन सभी चिकित्सकों की नियुक्ति संविदा के आधार पर आगामी तीन वर्षों के लिए अथवा नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो की गई है।

सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी, शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा और संबद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, संकाय सदस्यों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेजों में शत-प्रतिशत फैकल्टी उपलब्ध कराने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

इस संबंध में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों में एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से न केवल चिकित्सा छात्रों को उच्चस्तरीय शिक्षण प्राप्त होगा, बल्कि कॉलेजों में रिसर्च और क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की कमी को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।