बिग ब्रेकिंग: करोड़ों की ठगी कर फरार बिल्डर शाश्वत गर्ग–साक्षी गर्ग का पासपोर्ट निरस्त, नेपाल भागने की पुष्टि

करोड़ों की ठगी कर फरार बिल्डर शाश्वत गर्ग–साक्षी गर्ग का पासपोर्ट निरस्त, नेपाल भागने की पुष्टि

रिपोर्ट- राजकुमार धीमान

देहरादून। राजधानी देहरादून में आवासीय परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये ठगकर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी साक्षी गर्ग पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने दोनों के पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।

यह कदम उन निवेशकों की शिकायतों के बाद उठाया गया, जिन्होंने मसूरी रोड के ‘आर्केडिया हिलाक्स’ और थानो क्षेत्र की ‘इंपीरियल वैली’ परियोजनाओं में निवेश किया था, लेकिन रकम फंसने के बाद न्याय की गुहार लगाई थी।

पासपोर्ट कार्यालय ने पहले दंपती को नोटिस भेजा, फिर रिमाइंडर, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर जनहित में पासपोर्ट रद्द कर दिए गए।

उधर, शाश्वत गर्ग का पूरा परिवार 17 अक्टूबर से लापता है। शाश्वत, साक्षी, उनका बेटा रिद्वान और माता-पिता को आखिरी बार हापुड़ में साले सुलभ गोयल के घर देखा गया था, जिसके बाद सभी मोबाइल फोन बंद मिले।

इसी दौरान आर्केडिया हिलाक्स और इंपीरियल वैली के 12 से अधिक निवेशकों ने पुलिस और पासपोर्ट कार्यालय में शिकायतें दर्ज कराईं।

मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने फ्लैट आवंटन में अनियमितताओं को लेकर शाश्वत, उसके परिवार, सहयोगियों और कुछ वित्तीय संस्थानों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं RERA ने शिकायतों के आधार पर इंपीरियल वैली परियोजना में खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।

इस बीच जांच एजेंसियों को इमिग्रेशन से बड़ा इनपुट मिला है कि दंपती 22 अक्टूबर को मुंबई से रॉयल नेपाल एयरलाइंस की उड़ान RA-202 से काठमांडू पहुंचे थे। दिलचस्प बात यह है कि नेपाल पहुंचने के बाद उनकी आगे कोई यात्रा दर्ज नहीं हुई।

भारत-नेपाल संधि के मुताबिक तीसरे देश जाने के लिए भारतीय नागरिकों को NOC जरूरी होती है, और सूत्रों के मुताबिक शाश्वत गर्ग की NOC फिलहाल होल्ड पर है, जिसके कारण वह नेपाल से बाहर नहीं जा पा रहा है। सभी सीमा चेकपोस्टों और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

निवेशक भी अपनी ओर से तलाश में जुटे हुए हैं। काठमांडू के कई फाइव-स्टार होटलों में मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देकर कॉल किए गए, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

कुछ निवेशक नेपाल भी पहुंचे और स्थानीय पुलिस के साथ कई स्थानों पर खोजबीन की, परंतु कहीं भी शाश्वत या उसके परिवार की एंट्री दर्ज नहीं मिली। पासपोर्ट निरस्तीकरण, FIR, RERA की रोक और सीमा अलर्ट के बाद शाश्वत गर्ग दंपती की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

निवेशक उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही उनकी लोकेशन पता चलने से करोड़ों की इस ठगी का पूरा सच सामने आएगा। यह मामला उत्तराखंड के रियल एस्टेट सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में से एक बन रहा है।