उत्तराखंड में तेज रफ्तार का कहर। चमोली और हरिद्वार में दो दिनों में कई सड़क हादसे, 6 लोगों की मौत
देहरादून। उत्तराखंड में तेज रफ्तार और अव्यवस्थित ट्रैफिक ने लगातार दो दिनों में कई परिवारों को उजाड़ दिया है। चमोली में जहां देर रात एक भीषण हादसे में दो ममेरे भाइयों की मौत हो गई।
वहीं हरिद्वार में दो दिनों में तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार लोगों ने जान गंवा दी। राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ये घटनाएँ चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही हैं।
चमोली: स्विफ्ट कार ने बाइक को मारी टक्कर, दो ममेरे भाइयों की मौत
गुरुवार रात बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिरही के पास तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कमल सिंह (27) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल राहुल (28) ने जिला अस्पताल गोपेश्वर में दम तोड़ दिया।
दोनों निवासी रामणी (नंदानगर) के थे और शादी समारोह से लौट रहे थे। पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है।
हरिद्वार में सड़क हादसों की श्रृंखला: दो दिनों में तीन हादसे, 4 की मौत
- व्यापारी की कार को पिकअप ने मारी टक्कर – मौत
गुरुवार देर शाम लक्सर–हरिद्वार मार्ग पर मिस्सरपुर स्थित मैंगो फार्म हाउस के पास एक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में ज्वालापुर निवासी व्यापारी बिजेंद्र कुमार की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सहित चार लोग गंभीर घायल हैं। पुलिस ने पिकअप वाहन को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।
- पासपोर्ट बनवाने जा रहे दो सगे भाई डंपर की चपेट में – मौके पर मौत
उसी दिन सुबह जियापोटा गांव के पास दो सगे भाई बाइक पर जा रहे थे। पहले उनकी बाइक एक अन्य बाइक से टकराई और वे गिर पड़े। तभी पीछे से आए तेज रफ्तार डंपर ने दोनों को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
बुधवार को भी हादसा—बाइक सवार की मौत
पथरी क्षेत्र में निर्भय फार्म के पास एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें इदरीश नाम के युवक की मौत हो गई।
ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल
- बार–बार हो रहे हादसों से स्थानीय लोग प्रशासन से नाराज हैं।
- हरिद्वार–पुरकाजी मार्ग के चौड़ीकरण की मांग तेज हो गई है।
- दिन के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग भी उठ रही है।
- सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पुलिस और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं।


