बिग ब्रेकिंग: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश नाकाम। दलित परिवारों के पलायन की अफवाह झूठी साबित

रुड़की में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश नाकाम। दलित परिवारों के पलायन की अफवाह झूठी साबित

रुड़की/उत्तराखंड। रुड़की के इमली रोड इलाके में दलित समाज के परिवारों के कथित पलायन की खबर ने सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलकर पुलिस-प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया था।

लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तथ्यात्मक जाँच ने इस पूरे दावे की सच्चाई उजागर कर दी। राहत की बात यह है कि वायरल दावा पूरी तरह झूठा, अवैज्ञानिक और मनगढ़ंत निकला।

अफवाह वायरल… तत्काल हरकत में पुलिस

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गुरुवार देर रात यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि इमली रोड क्षेत्र में दलित समाज के कई परिवार कथित उत्पीड़न के कारण पलायन कर रहे हैं। मामला संवेदनशील होने के कारण सिविल लाइन कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और घर-घर जाकर पूछताछ शुरू की।

घंटों चली जांच में पुलिस ने दलित समाज के परिवारों, स्थानीय निवासियों और क्षेत्र के अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।

सच्चाई सामने आई: मामला सिर्फ दो व्यक्तियों के बीच विवाद का

जांच के दौरान यह साफ हो गया कि दलित परिवारों के पलायन की खबर पूरी तरह निराधार है। पूरे घटनाक्रम की शुरुआत दो व्यक्तियों के बीच हुए मामूली आपसी विवाद से हुई थी। इस विवाद को बेवजह साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई।

स्थानीय निवासी साजिद मलिक ने कोतवाली में दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि समुदाय विशेष द्वारा दबाव बनाया जा रहा है और घरों पर मांस के टुकड़े फेंके जा रहे हैं। पुलिस जांच में यह दावा झूठा और भ्रामक पाया गया। इसी शिकायत को आधार बनाकर कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया पर पलायन का वीडियो व पोस्ट फैलाना शुरू किया।

स्थानीय दलित समाज ने कहा, क्षेत्र में भाईचारा है, कोई उत्पीड़न नहीं

मौके पर मौजूद दलित समाज के लोगों ने स्वयं स्पष्ट किया कि,“इमली रोड पर हिंदू और मुस्लिम समाज आपसी भाईचारे, सौहार्द और प्रेम से रहते हैं। किसी भी समुदाय द्वारा हमें कोई परेशानी नहीं दी गई है।”

स्थानीय निवासियों ने इस अफवाह को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताया। “यह पूरी अफवाह झूठी है। हम सब मिल-जुलकर रहते हैं। किसी ने किसी पर दबाव नहीं बनाया।”

अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसेगी पुलिस

जाँच में मामला फर्जी निकलने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सिविल लाइन कोतवाली पुलिस ने पूरे प्रकरण की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है और अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।

“अफवाह फैलाना गंभीर अपराध है। हम किसी को भी समाज का माहौल खराब नहीं करने देंगे। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

स्थानीय लोगों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। कई स्थानीय लोगों ने एसपी देहात कार्यालय पहुँचकर लिखित शिकायत दी और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।