एक्सक्लूसिव: जौलीग्रांट एयरपोर्ट में 232 करोड़ का घोटाला, CBI ने वरिष्ठ प्रबंधक को दबोचा

जौलीग्रांट एयरपोर्ट में 232 करोड़ का घोटाला, CBI ने वरिष्ठ प्रबंधक को दबोचा

देहरादून। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। आरोप है कि तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त एवं खाते) राहुल विजय ने तीन वर्षों में फर्जी कार्यों और कागज़ी संपत्तियों के नाम पर 232 करोड़ रुपये का गबन किया। सीबीआई नई दिल्ली ने मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा

18 अगस्त को एएआई के वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त) चंद्रकांत पी ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार एयरपोर्ट के वित्तीय खातों की आंतरिक जांच (ऑडिट) में भारी गड़बड़ियां पकड़ी गईं।

ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक जौलीग्रांट एयरपोर्ट में तैनात रहे राहुल विजय ने प्राधिकरण के खातों से करोड़ों की रकम अलग-अलग निजी खातों में ट्रांसफर की।

घोटाले की चालाकी

  • आरोपी ने वैध वर्क ऑर्डर में हेरफेर कर नकली वर्क ऑर्डर तैयार किए।
  • असली ठेकेदारों के लिए जारी राशि सही खातों में भेजी गई, जबकि नकली ऑर्डरों की रकम अपने खातों में डाल ली।
  • कई संपत्तियों की फर्जी खरीदारी कागजों पर दिखाई गई, लेकिन वास्तव में संपत्ति खरीदी ही नहीं गई।
  • राहुल विजय ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होने का फायदा उठाकर तीन अलग-अलग आईडी बनाई।

शुरुआत में छोटी राशि ट्रांसफर की, फिर पकड़ में न आने पर बड़े-बड़े ट्रांजैक्शन करने लगा।

रकम का हेरफेर

  • 189 करोड़ रुपये – कागज़ी संपत्तियों की खरीद के नाम पर निजी खातों में ट्रांसफर।
  • 43 करोड़ रुपये – फर्जी एंट्रियों और काल्पनिक खर्चों में हड़प लिए।
  • कुल मिलाकर 232 करोड़ रुपये की रकम का गबन।

सीबीआई की कार्रवाई

सीबीआई ने शिकायत और ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और इस घोटाले से जुड़ी 17 संदिग्ध संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है।