अपडेट: आनंद गिरी के नजदीकी लोगों में पुलिस का खौफ। सोशल मीडिया से हटाई तस्वीरें

आनंद गिरी के नजदीकी लोगों में पुलिस का खौफ। सोशल मीडिया से हटाई तस्वीरें

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि के संपर्क में महाकुंभ के दौरान आए संतों व कुछ सफेदपोश पर यूपी पुलिस शिकंजा कस सकती है।

वहीं श्यामपुर क्षेत्र से एक नंबर पर लगातार नरेंद्र गिरि को उन्हें आनंद गिरि द्वारा बदनाम करने की जानकारी मिल रही थी। इस नंबर को लेकर भी चर्चाएं बनी हुई है कि, नरेंद्र गिरि का शुभचिंतक उनके संपर्क में था।

नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके शिष्य आनंद गिरि को यूपी पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है।

बता दें कि, महाकुंभ मेले के दौरान आनंद गिरि के संपर्क में आए संतों व सफेदपोश नेता भी यूपी पुलिस की रड़ार पर आ गए हैं। क्योंकि बीते महाकुंभ के बाद आनंद गिरि से जिन लोगों का संपर्क बना था। उनमें से कई चर्चित संत है। इसके साथ ही कुछ जिले के सफेदपोश नेता भी है।

नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट मिलने के बाद एक लाइन में जिक्र हुआ है कि, उनकी फोटो या वीडियो एडिट करके कहीं न कहीं ब्लैकमेल किया जा सकता है।

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श्यामपुर थाना क्षेत्र में स्थित आनंद गिरि के आश्रम के पास से श्रीमहंत नरेंद्र गिरि को लगातार फोन जा रहे थे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल फोन की यूपी पुलिस द्वारा निकलवाई गई कॉल डिटेल के बाद इसका खुलासा हुआ है। हालांकि हरिद्वार पुलिस के पास अभी तक इसका कोई इनपुट नहीं आया है।

सोशल मीडिया से हटाई थी तस्वीरें

महाकुंभ मेले के दौरान आनंद गिरि के संपर्क में आए लोगों, संतों व सफेदपोश नेताओं ने उनके साथ सेल्फी व फोटो लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे। मगर पिछले दिनों नरेंद्र गिरी व आनंद गिरि के बीच हुए विवाद के बाद इन फोटो को सोशल मीडिया से हटा दिया गया था। ऐसे में अब साइबर सेल भी इसको लेकर एक्टिव हो सकती है।

मोबाइल कॉल से संबंधित कोई भी मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अभी तक यूपी से इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। -डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी हरिद्वार