मिशन 2022: भाजपा चेहरे पर नहीं, कमल के निशान पर लड़ेगी चुनाव। कट सकते है कई विधायकों के टिकट

भाजपा चेहरे पर नहीं, कमल के निशान पर लड़ेगी चुनाव। कट सकते है कई विधायकों के टिकट

 

मिशन 2022 में भाजपा हाई कमान लगभग डेढ़ दर्जन विधायकों के टिकट काटकर नए चेहरों को जगह दे सकता हैं। साथ ही वर्तमान मुख्यमंत्री धामी को मिशन 2022 में पार्टी चेहरा बनाने पर अभी भी संशय बना हुआ हैं।

सूत्रों से पता चला हैं कि, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने विधायकों के प्रदर्शन और जनता में उनकी छवि को लेकर सर्वे शुरू कर दिया हैं। इस सर्वे के लिए जो एजेंसी चुनी गयी हैं, वो प्रत्येक विधानसभा में आम जन को कॉल करके उनकी राय विधायकों को लेकर जान रही हैं।

पता चला हैं कि, 15 अगस्त को यह एजेंसी अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौपेंगी।

क्या होगा सर्वे का असर :

इस सर्वे से केन्द्रीय नेतृत्व ये फैसला ले पायेगा कि, किस विधायक पर वो 2022 में दांव खेले और किस को बाहर का रास्ता दिखाकर नए चेहरे को जगह दे।

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इससे केन्द्रीय नेतृत्व ये भी जानेगा कि, ऐसे कौन से काम कराये जाये जिससे सम्बंधित क्षेत्र के विधायक की छवि को जनता में सुधारा जा सके।

भाजपा इस सर्वे से जनता को अपने पक्ष में करने के लिए उन मुद्दों को भी जान लेगी, जिनको तरहीज देकर भाजपा मिशन 2022 में अपना वोट बैंक बढ़ा सके।

कुछ समय पहले आरएसएस ने भाजपा विधायकों की जनता में छवि को लेकर एक गोपनीय सर्वे किया था, जिसमें लगभग दो दर्जन विधायकों की छवि जनता के बीच कुछ खास नहीं थी।

इस सर्वे के आधार पर भी भाजपा डेढ़ दर्जन विधायकों के टिकट काट कर नए चेहरों पर दांव खेल सकती हैं।

साथ ही भाजपा सीएम धामी के चेहरे पर मिशन 2022 का खेल खेलेगी या नहीं इस पर खासा संशय बना हुआ हैं। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्यूंकि कुमाऊं दौरे पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने प्रेस वार्ता में दिए एक बयान में कहा कि, भाजपा व्यक्ति पर नहीं बल्कि कमल के निशान पर चुनाव लड़ेगी। इससे साफ जाहिर होता हैं कि, भाजपा एक बार फिर पार्टी निशान या यूँ कहे कि पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी।