फूलदेई के कार्यक्रम में रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच अवतरित हुए देवी-देवता

फूलदेई के कार्यक्रम में रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच अवतरित हुए देवी-देवता

 

देहरादून। आज दिनांक- 14 मार्च 2020 को डीपीएमआई संस्थान देहरादून द्वारा उत्तराखंड के लोक पर्व ‘फूलदेई’ के उपलक्ष में एक आयोजन किया गया। आयोजन का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। साथ ही आयोजन का मुख्य विषय उत्तराखंड के लोक पर्व फूलदेई को बढ़ावा देना था। डीपीएमआई संस्थान देहरादून द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम किए जाते हैं।

बता दें कि, कार्यक्रम में सर्वप्रथम संस्थान के छात्र ओम तथा उर्वशी, ममता, अवंतिका, दीक्षा, सौरव, सुनीता, दीपांशी द्वारा मंगल गीत प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात मीनाक्षी नेगी और अनुभव उनियाल द्वारा कुमाऊनी और गढ़वाली नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही संस्थान के छात्रों द्वारा ‘चला फुलारी’ नामक गीत प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात किरण, विशाखा, श्वेता, प्रेरणा, योगिता, ममता, तानिया, पूनम, मनीषा द्वारा ‘मेरो लहंगा’ नामक कुमाऊनी गीत में नृत्य प्रस्तुति प्रदान की गई। तत्पश्चात संस्थान के छात्र हर्ष वर्मा तथा दीक्षा वर्मा द्वारा बांसुरी और गिटार में कुमाऊनी गीत की प्रस्तुति दी गई।

अंत में संस्थान के छात्रों द्वारा उत्तराखंड का प्रसिद्ध जागर गीत ‘नारायणी मेरी माता भवानी’ प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान उपस्थित जन समुदाय में से कुछ महिलाओं में देवता का अवतरण भी देखने को मिला जिससे दर्शक अभिभूत हो उठे। कार्यक्रम का संचालन संस्थान की छात्रा विशाखा पाल तथा मनीष रावत द्वारा किया गया। इसके पश्चात संस्थान के डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने उत्तराखंड के विलुप्त होते लोक पर्व की महत्ता के बारे में बताया तथा उपस्थित जन समुदाय से अपील की कि, वह इस प्रकार के लोक पर्व के महत्व को समझें तथा अपने जीवन में भी स्थान दे।

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आए हुए अतिथियों ने भी इस प्रकार के कार्यक्रम की अनिवार्यता महसूस की तथा उत्तराखंड के विलुप्त होते हुए लोक पर्वों को जागृत करने के लिए डीपीएमआई परिवार के इस प्रयास का शुक्रिया किया। इन सभी मनमोहक प्रस्तुतियों के पश्चात संस्थान के डायरेक्टर नरेंद्र सिंह द्वारा उपस्थित अतिथियों का सम्मान किया गया।

इस समारोह में डीपीएमआई के मैनेजर अश्वनी शैली संस्थान की फैकल्टी संगीता कुमार, डॉ इंदु राणा, गिरीश तिवारी, विश्वजीत नेगी, बृजेश चंद्र, विक्रम श्रीवास्तव, कैलाश जोशी, डॉ गुंजन, डॉ विशाल, वीरेंद्र रावत, आशा टम्टा, विकास सिंह तथा संस्थान के समस्त छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे।