Exclusive: देवस्थानम बोर्ड में शुरू हुई नौकरियों की बंदरबांट, BKTC अध्यक्ष सवालोें के घेरे में

देवस्थानम बोर्ड में शुरू हुई नौकरियों की बंदरबांट, BKTC अध्यक्ष सवालोें के घेरे में

 

देहरादून। उत्तराखण्ड़ के विश्वप्रसिद्ध चारधामों व उनसे जुडे 51 मंदिरों में व्यवस्था सुधार और पारदर्शिता के नाम पर तमाम विरोधों के बाद बनाया गया। चारधाम देवस्थानम बोर्ड बनते ही सवालों के घेरे में आ गया है। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के गठन के साथ ही नौकरियों को लेकर धांधली सामने आ रही है। जिसमें सीधे बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल सवालों के घेरे में आ गये हैं। तीर्थपुरोहितों के तमाम विरोध के बाद भी सरकार द्वारा चारधाम देवस्थानम् बोर्ड का गठन कर उसके सीईओं की नियुक्ति कर चारधाम देवस्थानम् बोर्ड को अस्तित्व में ला दिया गया था। सरकार की मंशा थी कि, इससे जहां इन मंदिरों के रखरखाव व संचालन में सुधार होगा वहीं मंदिरों से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता आयेगी, लेकिन सरकार की इस मंशा पर ग्रहण लगता हुआ दिख रहा है।

चारधाम देवस्थानम् बोर्ड में नियमों को ताक पर रख नौकरियों की बंदरबांट की जाने लगी है। जिसे लेकर बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल सीधे सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि, बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल अब तक डेढ़ दर्जन से ज्यादा नौकरियों की नियमविरूद्ध बंदरबांट कर चुके हैं। ये सब उस समय हो रहा है जब बद्री केदार मंदिर समिति का चारधाम देवस्थानम बोर्ड में विलय हो रहा है, और बद्री केदार मंदिर समिति के सभी कर्मचारियों को चारधाम देवस्थानम बोर्ड में स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में बैक डेट में बम्पर नौकरियों की बंदरबांट करने का मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि, चारधाम देवस्थानम बोर्ड के नोटिफिकेशन डेट से बैकडेट में मंदिर समिति ने नौकरियों का पिटारा खोल दिया है।

नियमविरूद्ध ढंग से बैकडेट में दिखाकर नोकरियाँ

बद्री केदार मंदिर समिति 1939 एक्ट की धारा 15 (4) शासनादेश 18 जनवरी 2002 में साफ उल्लेख है कि, मंदिर समिति में नियुक्तियां नियुक्ति उप समिति के माध्यम से ही होगी। लेकिन इन नियुक्तियों में नियुक्ति उप समिति के अध्यक्ष व समिति को भी दरकिनार कर दिया गया। ऐसे में आरोप है कि, बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल की शह पर चारधाम देवस्थानम् बोड में दो डाईवर, 4 टीचर देवप्रयाग में, 1 टीचर मण्डल में और 1 टीचर कमेड़ा में (कुल 6 टीचर) लगा चुके हैं। जिनकी पुष्टि भी सूत्रों द्वारा की जा रही हैं।

वहीं आरोप यह भी है कि, कुल 14 से 15 अन्य पदों पर बीकेटीसी के जरीये चारधाम देवस्थानम् बोर्ड में नियमविरूद्ध ढंग से बैकडेट में दिखाकर नौकरीयां लगायी जा चुकी हैं। जबकि इस सम्बन्ध में बीकेटीसी के बोर्ड में कोई प्रस्ताव पारित ही नही हुआ। आपको बतादें कि, 15 जनवरी को चारधाम देवस्थानम बोर्ड का नोटिफिकेशन जारी हुआ, बताया जा रहा है कि, ये नियुक्तिया 20 जनवरी के आस-पास दी गयी। लेकिन इसे बैकडेट में 24 दिसम्बर 2019 दिखाया गया है।

पहले भी उठे थे नियुक्तियों को लेकर सवाल

20 अगस्त 2019 में एसडीएम ऊखीमठ ने राज्य सूचना आयुक्त के आदेश पर बीकेटीसी के महाविद्यालय संस्कृत विद्यापीठ गुप्तकाशी में टीचरों की नियुक्ति को लेकर जांच की थी। जिसमें कुल नौ कर्मचारियों जिसमें से 6 टीचर और 3 अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध ठहराया था। ये सभी कर्मचारी करीब बीते 10 सालों से विद्यापीठ में अपनी सेवाऐं दे रहे थे। क्योंकि ये सभी पद शासन से स्वीकृति, बिना विज्ञापन के ही बैकडोर से नियमविरूद्ध ढंग से भर दिए गये थे।

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एसडीएम ऊखीमठ ने अपनी जांच में इस सभी को नियमविरूद्ध मानते हुए शासन को कार्यवाही के लिए अपनी संस्तुति भेज दी थी। और अब उसी तरह से दोबारा उसकी पुर्नावृति हो बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल पर करने के आरोप लग रहे हैं। यह जानते हुए भी कि, शासन इन नियुक्तियों को वैध नही मानता थोक के भाव से नौकरियां लगाई जा रही हैं।

क्या कहते हैं बीकेटीसी के अध्यक्ष

इस पूरे मामले में बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल का कहना है कि, नियमविरूद्ध नौकरियां लगाने के आरोप निराधार हैं। अभी हमने केवल 2 ड्राईवर लगाये हैं वो भी ध्याड़ी पर काम कर रहे हैं। अभी हमने एक भी कर्मचारी नही रखा है। चारधाम देवस्थानम बोर्ड में हमारी कोई भुमिका नही है। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के अध्यक्ष स्वमं मुख्यमंत्री है। ऐसे में कोई भी नियुक्ति नही कर सकता, लेकिन इस मामले में जल्द पता किया जायेगा कि, क्या सच है?

क्या कहते हैं बीकेटीसी के उपाध्यक्ष

वही पूरे मामले में बीकेटीसी के उपाध्यक्ष अशोक खत्री का कहना है कि, ये मामला काफी गम्भीर है। उनके संज्ञान में भी बीकेटीसी में बैकडोर से नौकरियां लगाने का मामला आया है। इसकी जांच होनी चाहिए। जो भी इस मामले में दोषी हो उस पर कार्यवाही होनी चाहिए।