Exclusive: उत्तराखंड के हजारों बेरोजगारों से शिक्षा विभाग ने किया खिलवाड़

उत्तराखंड के हजारों बेरोजगारों से शिक्षा विभाग ने किया खिलवाड़

 

– भर्ती प्रक्रिया में धांधली, मुख्य सचिव ने दिए सचिव को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। विकासनगर स्तिथ जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से मुलाकात कर मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून एवं विद्यालय प्रबंधन गुरु राम राय इंटर कॉलेज,सहसपुर, देहरादून द्वारा भर्ती प्रक्रिया में विज्ञप्ति प्रकाशन करने के मामले में अनियमितता कर हजारों युवाओं से खिलवाड़ के मामले में शिकायती पत्र सौंपा। मुख्य सचिव ने सचिव, विद्यालय शिक्षा को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए है।

नेगी ने बताया कि, मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून द्वारा दिनांक-14/11/19 को तीन रिक्त पदों (एक प्रवक्ता, 2 सहायक अध्यापक) पर भर्ती प्रक्रिया/विज्ञापन जारी करने के आदेश प्रबंधक, श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज, सहसपुर, देहरादून को दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून व विद्यालय प्रबंधन ने मिलकर अपने खास चहेतों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उक्त विज्ञापन बहुत ही साजिशन दो प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के गढ़वाल परिशिष्ट में प्रकाशित कराए। जिससे कुमाऊं मंडल, हरिद्वार व जनपद देहरादून के अभ्यर्थियों को इसकी भनक न लगे।

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बता दें कि, जिस जनपद में विद्यालय स्थित है, उस जनपद के बेरोजगारों को रिक्तियों के बारे में जानकारी ही नहीं। विद्यालय प्रबंधन द्वारा दिनांक- 22/11/19 के माध्यम से मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून को पत्र प्रेषित कर विज्ञापन दो प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में प्रकाशन का उल्लेख किया। इस कारगुजारी के संबंध में मोर्चा द्वारा दिनांक-03/02/2020 को मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून को पत्र प्रेषित कर जानकारी दी गई। लेकिन उक्त षड्यंत्र में शामिल मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई करने के बजाय 07/02/2020 को साक्षात्कार की कार्रवाई संपन्न करा दी।

मोर्चा द्वारा दिनांक- 10/02/2020 को उक्त मामले की शिकायत सचिव, विद्यालयी शिक्षा मीनाक्षी सुंदरम से की गई, जिस पर उन्होंने फोन पर संबंधित अधिकारी को विज्ञापन रद्द कर पुनः साक्षात्कार वह विज्ञप्ति प्रकाशन के आदेश दिए, लेकिन संबंधित अधिकारी ने सचिव के आदेश को भी हवा में उड़ा दिया। नेगी ने यह भी कहा कि, प्रदेश के हजारों बेरोजगारों से शिक्षा विभाग द्वारा खिलवाड़ किया गया है, क्योंकि जानकारी के अभाव में लोग आवेदन करने से वंचित रह गये थे।