खनिज घोटाला: जिला प्रशासन व खनिज विभाग की मिलीभगत

जिला प्रशासन व खनिज विभाग की मिलीभगत

 

– उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच हुई तो प्रदेश को 400-500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की है संभावना

4000 करोड़ के खनन घोटाले में आयोग ने दिए जिलाधिकारी को जांच के निर्देश, मामला वर्ष 2009-2013 में जनपद देहरादून के खनन भंडारण केंद्रों की अनियमितता का है। मोर्चा के आग्रह पर वर्ष 2014 व 2017 में सूचना आयोग शासन को दे चुका है जांच के निर्देश। सूचना आयुक्त श्री जेपी ममगई ने दिए जिला अधिकारी को जांच अधिकारी नामित करने के निर्देश। मोर्चा लगभग छह-सात वर्षो से कार्यवाही को लेकर अनवरत लगा हुआ है।

 

देहरादून। विकासनगर स्तिथ जनसंघर्ष मोर्चा के कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी कहा कि, जिला प्रशासन, देहरादून ने मा. उच्च न्यायालय के प्रतिबंध के बावजूद 190 लोगों को खनन भंडारण के लाइसेंस वर्ष 2009-2013 तक जारी किए, जिसकी आड़ में खनन माफियाओं द्वारा 4000 करोड का अवैध कारोबार किया गया। उक्त मामले में माफियाओं द्वारा प्रतिबंधित नदियों से चुगान कर एवं कागजी खानापूर्ति करने के लिए फर्जी रवन्नो की आड़ में अन्य प्रदेशों से उप खनिज का आयात दर्शाया, जबकि जनपद की व्यापार कर चौकियों तथा जंगलात चौकियों में कहीं भी उक्त उपखनिज की आमद नहीं थी।

बताते चलें कि, उक्त घोटाले को लेकर वर्ष 2014 में मा० सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया गया है, जिस पर मा० सूचना आयोग ने दिनांक- 29/01/15 को शासन के अपर मुख्य सचिव, मा० मुख्यमंत्री को कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन माफियाओं के आगे शासन व जिला प्रशासन दम तोड़ गया। उक्त के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने से खफा मोर्चा ने वर्ष 2017 में फिर मा० सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया, जिसके क्रम में मा० सूचना आयोग ने दिनांक- 15/12/17 को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसको लेकर जिला प्रशासन व खनिज विभाग थोड़ा हरकत में आया तथा व्यापार कर, प्रशासन व खनिज विभाग ने कुछ कार्रवाई की, लेकिन फिर जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।

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इस घोटाले में जिला प्रशासन व खनिज विभाग आदि सभी की मिलीभगत थी। रघुनाथ ने कहा कि, उक्त मामले फिर प्रभावी कार्रवाई न होने से खफा होकर मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी, प्रवीण शर्मा पिन्नी ने फिर आयोग का दरवाजा खटखटाया, जिस पर मा० सूचना आयोग के आयुक्त जेपी ममगई ने दिनांक- 13/12/19 को जिलाधिकारी, देहरादून को जांच अधिकारी नामित करने के निर्देश पारित किए तथा उल्लेख किया कि, इस जांच से राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

 

अगर इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होती है तो प्रदेश को 400-500 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की संभावना है।खनन माफियाओं एवं विभागीय मिलीभगत का पर्दाफाश कराने को लेकर मोर्चा छह-सात वर्षो से लगातार प्रयासरत है, तथा माफियाओं को किसी भी सूरत में मोर्चा नहीं बख्शेगा।

 

आज पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी, मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, मोहम्मद असद, प्रवीण शर्मा पिन्नी, सुशील भारद्वाज आदि उपस्थित रहे।