दुःखद: कार ड्राइवर की आँख लगने से मासूम सहित एक अन्य की हुई मौत

कार ड्राइवर की आँख लगने से मासूम सहित एक अन्य की हुई मौत

 

रुद्रप्रयाग। हाईवे पर कार ड्राइवर को आई झपकी से सात साल की मासूम समेत दो लोगों की जान चली गई। कार ने पहले साइकिल सवार युवक को टक्कर मारी, फिर बच्ची को कुचलते हुए सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। हादसे में दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

 

 

बता दें कि, अल्मोड़ा जिले के नेवड़ा द्वाराहाट निवासी रघुवीर सिंह, जीवन सिंह और पंकज राणा अपने पिता उमराव राणा का शव लेकर दिल्ली से द्वाराहाट जा रहे थे। शव एंबुलेंस से जा रहा था। तीनों बेटे और ड्राइवर मथुरा सिंह कार संख्या यूके-04 सीए-7779 में सवार थे। सुबह करीब पौने आठ बजे पीरूमदारा से सिर्फ तीन किमी चलने पर कार ड्राइवर को झपकी आ गई और उसने दूसरी ओर चल रहे साइकिल सवार 35 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र मुन्ने सिंह को टक्कर मार दी। इसके बाद कार एक मकान के बाहर खड़ी सात वर्षीय तहजीब पुत्री फिरोज को कुचलते हुए ट्रक में जा घुसी।

 

 

हादसा होते ही हाईवे पर राहगीरों की भीड़ लग गई और मौके पर पहुंची पुलिस घायल तहजीब और राजेंद्र को रामनगर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने कार ड्राइवर को हिरासत में लिया है। एसएसआई जयपाल सिंह चौहान ने बताया कि, अब तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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यह भी बता दें कि, स्कूल जाने के लिए घर के बाहर खड़ी थी तहजीब जब यह हादसा हुआ। रामनगर हादसे की शिकार सात वर्षीय तहजीब टांडा मल्लू में माउंट कारवेल पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती थी। उसके पिता फिरोज ने बताया कि, बेटी स्कूल जाने के लिए घर के बाहर खड़ी थी। तीन भाई बहनों में तहजीब सबसे बड़ी थी। बच्ची की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। मां आशिया का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

 

दूसरी ओर चिल्किया निवासी मजदूरी करने वाले राजेंद्र की छह नंवबर को शादी होनी थी। मृतक के भाई सोनू ने बताया कि, शादी थारी से तय हुई थी। लड़की पक्ष के लोग बृहस्पतिवार को टीका करने आने वाले थे। जिस घर में खुशी की माहौल था, उस घर में मातम पसर गया है। भाई की मानें तो राजेंद्र मेहनत मजदूरी करता था। उसकी मां सुमित्रा देवी का भी रो-रोकर बुराहाल है।

 

हादसे के दौरान कार सवार लोगों का कहना था कि, ड्राइवर को रास्ते में नींद आ रही थी। पीरूरमदारा पहुंचने पर उसने इस बात का जिक्र किया तो कार रोककर मुंह भी धोया लेकिन सिर्फ तीन किमी चलने के बाद हादसा हो गया।