निकाय कर्मियों की मांगों पर सरकार की उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण

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निकाय कर्मियों की मांगों पर सरकार की उदासीनता दुर्भाग्यपूर्ण

– कई दिनों से निकाय कर्मी हैं आंदोलित, लेकिन सरकार खामोश
– निकाय कर्मियों की छोटी-छोटी मांगो पर भी अधिकारी हैं संवेदनहीन

विकासनगर। प्रदेश भर के निकाय कर्मियों की मांगों को लेकर नगर निकाय कर्मचारी महासंघ उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय महामंत्री प्रदीप कुमार वर्मा के नेतृत्व में जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी को अपनी मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपा।

मोर्चा अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों के संबंध में शीघ्र ही शासन के समक्ष रखने की बात का भरोसा दिलाया।

इस दौरान नेगी ने कहा कि, प्रदेशभर के निकाय कर्मी अपनी छोटी-छोटी मांगों को लेकर आंदोलित हैं, लेकिन सरकार का ध्यान इनकी मांगों की तरफ नहीं है, जोकि बहुत ही गैर जिम्मेदाराना है।

कर्मचारियों की मांग

● सामूहिक बीमा की 2014 तक काटी गयी धनराशि की वापसी
● राज्य कर्मचारियों की भांति नई सामूहिक बीमा पॉलिसी जारी करना।
● केन्द्रीयत सेवा नियमावली के अनुसार राजस्व संवर्ग एवम सफाई निरीक्षक संवर्ग की पदोन्नति सूची जारी करना
● राज्य कर्मचारियों की भांति आवास भत्ते का भुगतान
राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना का लाभ प्रदान किया जाना
● निकाय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को केन्द्रीयत सेवा नियमावली में विकल्प भरने का एक अवसर प्रदान किया जाना
● राज्य कर्मचारियों की भांति वेतन का भुगतान ट्रेज़री के माध्यम से किया जाना एवं निकाय के कर्मचारियों को स्वीकृत ढांचे के अनुसार नियमित नियुक्ति प्रदान किया जाना शामिल है।

नेगी ने कहा कि, अगर सरकार थोड़ी भी संवेदनशील होती तो अब तक इनमें से कई मांगो का समाधान हो गया होता।

प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के कार्यालय मंत्री नवनीत गुप्ता एवं संगठन मंत्री सचिन कुमार तथा विकासनगर निकाय शाखा के उपाध्यक्ष शिवकुमार, उप महामंत्री पवन कुमार, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, संगठन मंत्री रविकांत, कार्यालय सदस्य संजय कुमार, वीर सिंह व धन्नु कुमार तथा मोर्चा के उपाध्यक्ष विजय राम शर्मा व दिलबाग सिंह आदि थे।

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