क्राइम रिपोर्ट: हादसे, अपराध और प्रशासनिक कार्रवाई समेत पढ़ें कई बड़ी खबरें, एक क्लिक में….

हादसे, अपराध और प्रशासनिक कार्रवाई समेत पढ़ें कई बड़ी खबरें, एक क्लिक में….

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को अलग-अलग जिलों से हादसों, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं।

हरिद्वार में बदरीनाथ धाम से लौटे उत्तर प्रदेश निवासी एक श्रद्धालु का होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला, जबकि विकासनगर के त्यूणी क्षेत्र में 300 मीटर गहरी खाई में कार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में दिल्ली नंबर की कार में सवार चार युवकों पर महिलाओं से अभद्रता, गाली-गलौज और नशे की हालत में हुड़दंग मचाने का आरोप लगा। पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया, मेडिकल जांच में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद वाहन सीज कर दिया गया।

पौड़ी जिले के कोटद्वार में व्यापारी को धमकाने के मामले में गिरफ्तार दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक को एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई। मामले के बाद क्षेत्र में पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च और गश्त बढ़ाई।

रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के जंगलचट्टी क्षेत्र में महाराष्ट्र से आए तीर्थयात्रियों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। विवाद के बाद तीन खच्चर चालकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

नैनीताल जिले के रामनगर में नेशनल हाईवे-309 पर हुए भीषण सड़क हादसे में राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी यतीश यादव की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी डॉ. शीतल यादव गंभीर रूप से घायल हो गईं।

दोनों की शादी चार महीने पहले हुई थी और वे नैनीताल घूमने जा रहे थे। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

वहीं प्रशासनिक मोर्चे पर टिहरी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ने सहायक अभियंता पंकज पाठक के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है।

प्राधिकरण ने बिना अनुमति स्वीकृत मानचित्र में बदलाव, कथित कूटरचित अभिलेख तैयार करने, अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करने और नियमों के उल्लंघन जैसे आरोपों का उल्लेख करते हुए आदेश को उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि आरोप प्रशासनिक जांच के निष्कर्षों पर आधारित हैं और किसी न्यायिक निर्णय में अभी सिद्ध नहीं हुए हैं।