BKTC पर दान की रकम से VIP मेहमाननवाजी के आरोप, जांच समिति गठित
- RTI खुलासे के बाद मचा बवाल, नेताओं के नाम पर खर्च दिखाए जाने से उठे सवाल
देहरादून। बदरी-केदार मंदिर समिति एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला श्रद्धालुओं के दान और वीआईपी मेहमाननवाजी से जुड़ा है। आरोप है कि केदारनाथ धाम में नेताओं और खास लोगों की आवभगत पर मंदिर समिति की ओर से हजारों रुपये खर्च किए गए।
आरटीआई से सामने आई जानकारी के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद बढ़ने पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।
दरअसल, आरटीआई एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता विकेश नेगी द्वारा मांगी गई जानकारी में दावा किया गया कि वर्ष 2025 की केदारनाथ यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की बेटी और भाजपा नेता नेहा जोशी के प्रवास पर करीब 60 हजार रुपये खर्च किए गए।
वहीं केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नाम पर भी लगभग 37 हजार 500 रुपये खर्च दर्शाए जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा कई अन्य नेताओं के नाम भी सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। विपक्ष ने सरकार और मंदिर समिति पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया, जबकि भाजपा नेताओं ने इन दावों को साजिश बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने खर्च पर ही केदारनाथ यात्रा की थी।
विवाद बढ़ने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में सोशल मीडिया के माध्यम से आया, जिसके बाद सभी संबंधित फाइलें और पत्रावलियां तलब की गईं।
उन्होंने बताया कि गठित जांच समिति में बीकेटीसी के सीईओ, वित्त नियंत्रक समेत चार सदस्य शामिल हैं और समिति को 20 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शासन को भेजने के साथ सार्वजनिक भी की जाएगी।
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आरटीआई में नोटशीट और प्रस्ताव से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे कई सवाल अधूरे रह गए हैं। साथ ही उन्होंने इसे सरकार और मंदिर समिति की छवि धूमिल करने की साजिश भी बताया।
इस मामले पर कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। गणेश गोदियाल ने कहा कि श्रद्धालुओं के दान के पैसों से नेताओं की मेहमाननवाजी करना बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने मांग की कि जिन नेताओं के नाम पर खर्च दिखाया गया है उनसे राशि वसूली जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई राजनीतिक व्यक्ति ऐसी अपेक्षा न करे।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि बीकेटीसी लगातार विवादों में रही है। कभी क्यूआर कोड विवाद, कभी सोना विवाद, कभी वीआईपी संस्कृति और अब नेताओं के नाम पर खर्च दिखाने जैसे मामलों ने मंदिर समिति की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि सामने आए बिल असली हैं या फर्जी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
चारधाम यात्रा में वीआईपी संस्कृति पहले भी विवादों में रही है। आम श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों को विशेष सुविधाएं मिलने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं।
अब दान की रकम से वीआईपी मेहमाननवाजी के आरोपों ने इस बहस को और तेज कर दिया है। ऐसे में जांच समिति की रिपोर्ट पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल
चमोली जिले में हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर चमोली पुलिस ने मानवता और तत्परता की मिसाल पेश की। यात्रा के दौरान घोड़े से गिरकर घायल हुई पंजाब की दो महिला श्रद्धालुओं को पुलिस टीम ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों से सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए भेजा।
जानकारी के अनुसार लुधियाना निवासी श्रद्धालु देविंदर कौर और कुलजिंदर कौर हेमकुंड साहिब के दर्शन कर घोड़े से घांघरिया से गोविंदघाट लौट रही थीं। इसी दौरान रामडुंगी के पास संतुलन बिगड़ने से दोनों महिलाएं नीचे गिर गईं और घायल हो गईं।
सूचना मिलते ही चौकी घांघरिया में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और प्राथमिक उपचार देने के बाद घायल महिलाओं को कंडी के सहारे हेलीपैड तक पहुंचाया। बाद में दोनों को हेलीकॉप्टर से गोविंदघाट भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
गौरतलब है कि 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे और पहले ही दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। गुरुद्वारा प्रबंधन ने यात्रियों से मौसम और ऊंचाई को देखते हुए पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।

