सोनप्रयाग में कूड़ा प्रबंधन योजना बनी ‘कागजी’, सुलभ इंटरनेशनल के काम पर लगा दाग
- ₹19.44 लाख की कूड़ा प्रबंधन परियोजना कागजों में पूरी, जमीनी हकीकत में सिर्फ ढांचा- जांच के आदेश
देहरादून। केदारनाथ धाम की यात्रा के प्रमुख पड़ाव सोनप्रयाग में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। तीर्थयात्रा के दौरान कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रुद्रप्रयाग से पूर्व विधायक प्रत्याशी और युवा नेता मोहित डिमरी ने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए बनाई गई व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान प्रतिदिन भारी मात्रा में प्लास्टिक कूड़ा उत्पन्न हो रहा है, जिसके प्रबंधन की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल को दी गई थी। इसी के तहत सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग पर कन्वेयर बेल्ट लगाने के लिए ₹19.44 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था।
लेकिन मौके पर स्थिति बिल्कुल उलट है। जहां कूड़ा प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक कन्वेयर बेल्ट होनी चाहिए थी, वहां केवल लोहे के ढांचे खड़े नजर आ रहे हैं। मशीनरी के संचालन का कोई संकेत नहीं मिला है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एकत्रित कचरे का निस्तारण आखिर कैसे किया जा रहा है।
मोहित डिमरी ने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए कहा कि यह न केवल भ्रष्टाचार का मामला है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ भी खिलवाड़ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में समिति गठित कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।
प्रशासन ने साफ किया है कि यदि अनियमितता या लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केदारनाथ यात्रा जैसे संवेदनशील और आस्था से जुड़े आयोजन में इस तरह की लापरवाही न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि व्यवस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
