विशेष रिपोर्ट: उत्तराखंड की सड़कों पर खतरा। 179 ब्लैक स्पॉट, 36 मौतें और हादसों पर ब्रेक लगाने की चुनौती

उत्तराखंड की सड़कों पर खतरा। 179 ब्लैक स्पॉट, 36 मौतें और हादसों पर ब्रेक लगाने की चुनौती

देहरादून। उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाएं परिवहन विभाग के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। 1 जनवरी से 20 फरवरी 2026 के बीच प्रदेश में अलग-अलग हादसों में 36 लोगों की मौत, 138 लोग घायल और 3 लोग लापता हुए हैं। सड़क सुरक्षा माह (16 जनवरी–14 फरवरी) के दौरान भी हादसों का सिलसिला थमता नजर नहीं आया।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून और पिथौरागढ़ जिलों में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गईं। मैदानी से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है।

ओवरस्पीडिंग और अवैध कट बने बड़ी वजह

परिवहन विभाग के अनुसार, दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में ओवरस्पीडिंग और सड़कों के डिवाइडरों/क्रैश बैरियर में बनाए गए अनधिकृत कट शामिल हैं।

कई स्थानों पर लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए क्रैश बैरियर हाईवे पर हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। निर्माण एजेंसियों को ऐसे सभी अनऑथराइज्ड कट बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव कुमार मेहरा ने कहा कि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कराने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में देहरादून और हल्द्वानी में प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया है।

एएनपीआर कैमरों से सख्ती, चालानों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
प्रदेश में 37 स्थानों पर लगे एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकगनाइजेशन) कैमरों के जरिए बड़े पैमाने पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।

1 अप्रैल 2025 से 20 फरवरी 2026 तक कुल 5,19,498 चालान काटे गए, जिनमें—

  • बिना हेलमेट: 1,60,414
  • पीछे बैठी सवारी बिना हेलमेट: 3,03,935
  • ओवरस्पीडिंग: 18,045
  • दोपहिया पर दो से अधिक सवारी: 35,559
  • गलत दिशा में वाहन चलाना: 1,545

ऑनलाइन चालानों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई

  • 2023–24: 84,542
  • 2024–25: 1,41,432
  • 2025–26 (20 फरवरी तक): 5,19,498

179 ब्लैक स्पॉट चिन्हित

  • प्रदेश में अब तक 179 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं।
  • 155 पर सुधारीकरण कार्य पूरा
  • 24 पर काम शेष

पिछले तीन वर्षों में

  • 46 ब्लैक स्पॉट पर कोई दुर्घटना नहीं
  • 23 पर एक दुर्घटना
  • 24 पर दो दुर्घटनाएं
  • 49 पर 3–5 दुर्घटनाएं
  • 29 पर 6–10 दुर्घटनाएं
  • 8 स्थानों पर 10 से अधिक दुर्घटनाएं

तीन जिलों के ब्लैक स्पॉट का हालिया निरीक्षण किया गया है, जहां अतिरिक्त सुधार की आवश्यकता चिन्हित हुई है।

बढ़ती रफ्तार, बढ़ती चुनौती

संयुक्त परिवहन आयुक्त के अनुसार, पिछले एक दशक में सड़कों की स्थिति बेहतर हुई है और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। लेकिन वाहनों की बढ़ती रफ्तार ने ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं का नया प्रमुख कारण बना दिया है।

विभाग का कहना है कि प्रवर्तन, जागरूकता अभियान और तकनीकी निगरानी के जरिए आने वाले समय में दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास जारी रहेगा।